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Rohtak: आरक्षण के जख्म पर सरकार के मरहम का इंतजार, पत्नी मजदूरी कर पाल रही छह लोगों का पेट

Tue, 02 May 2023 09:34 AM IST
नवीन दलाल अजमेर गोयत, महम (रोहतक)

सार

भिवानी रोड पर बसे गांव सीसर खास से होकर जब विनोद गुजरने लगा तो वहां पर रास्ता बंद कर बैठे आरोपियों ने उसके सिर में ईंट दे मारी। सिर में लगी चोट के कारण वह कोमा में है। उस दिन इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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पीड़ित विनोद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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18 फरवरी 2016 का दिन महम के वार्ड 10 निवासी एक परिवार के लिए काला अध्याय बन गया। जाट आरक्षण के दौरान भड़की हिंसा में आरोपियों ने खच्चर रेहड़ी पर ईंट भरकर ले जाने वाले विनोद के सिर पर नाके से गुजरने की कोशिश करते समय ईंट मार दी थी। तब से विनोद कोमा में है। परिवार को सरकार से मुआवजे की दरकार है। विनोद मैदानी भट्ठे लगाकर परिवार का पोषण करता था। वर्तमान में उसकी पत्नी मजदूर कर छह लोगों का पेट पाल रही है।

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सात साल पहले जाट आरक्षण के दौरान आरोपियों द्वारा ईंट मारने से घायल विनोद कोमा में है
भिवानी रोड पर बसे गांव सीसर खास से होकर जब विनोद गुजरने लगा तो वहां पर रास्ता बंद कर बैठे आरोपियों ने उसके सिर में ईंट दे मारी। सिर में लगी चोट के कारण वह कोमा में है। उस समय विनोद की उम्र महज 23 साल थी। वह अपने बूढ़े मां-बाप, दो बेटे और पत्नी के लिए मेहनत मजदूरी कर दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करता था, लेकिन उस दिन इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था।

सरकारी मदद का इंतजार
विनोद के पिता रामकिशन ने बताया कि उनकी चौखट पर विधायक बलराज कुंडू जरूर आए थे और इलाज में कुछ मदद भी की। इसके अलावा किसी भी नेता ने उनके दर्द को नहीं समझा। सरकार द्वारा उनके इलाज के लिए आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया था। इसके लिए कई बार चंडीगढ़ भी बुलाया गया। आर्थिक सहायता क्लेम कमिश्नर हरियाणा इंद्रजीत के कार्यालय से पास भी हो चुकी है। लेकिन सात साल बीत जाने के बाद भी सरकारी मदद का इंतजार है।
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संकट की घड़ी में मदद की गुहार
विनोद की पत्नी मीनू ने बताया कि उसने कभी इससे पहले खेत में काम नहीं किया था लेकिन परिवार के सामने रोटी तक की समस्या आ खड़ी हुई। घर में बूढ़े सास-ससुर, दो बेटे और बिस्तर पर पड़े पति के लिए दो वक्त की रोटी के लिए अब लोगों के खेतों में मजदूरी करनी पड़ रही है। परिवार के सामने कई बार भूखे पेट सोने की नौबत आ चुकी है। विनोद के परिवार ने इस संकट की घड़ी में सामाजिक संस्थाओं, सरकार तथा नेताओं से मदद की गुहार लगाई है।
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अधिकारी के अनुसार
पीड़ित के कागजात सरकार को भेजे गए हैं। अब इसका रिमाइंडर भेजा जाएगा। जल्द ही उसकी मदद की जाएगी। -दलबीर फौगाट, एसडीएम, महम।

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