फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाटों के धरने को हर दिन मिल रहा समर्थन, सियासतदारों का आवागमन

Fri, 17 Jun 2016 02:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह ने भी दिया समर्थन - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
जाटों के धरने में सियासतदारों का समर्थन लगातार बढ़ता जा रहा है। एक के बाद एक पार्टी, राजनेता और यूनियन ने इस धरने को समर्थन देने का ऐलान किया है। बृहस्पतिवार को जसिया पहुंचकर कांग्रेस के पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा के अलावा पूर्व विधायक संत कुमार और किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह ने भी जाटों को समर्थन दिया। मंच से वक्ताओं ने जाटों की इस दुर्दशा के लिए सरकार को दोषी ठहराया है। वक्ताओं ने एकजुट होकर सरकार का विरोध करने का आह्वान किया।
विज्ञापन


अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान जसिया चौक पर चल रहा जाटों का धरना 12वें दिन भी जारी रहा। धरने पर बढ़ती भीड़ को देखकर राजनीतिक दल भी लगातार समर्थन देने पहुंच रहे हैं। दोपहर बाद कांग्रेस के पूर्व मंत्री कृष्ण मूर्ति हुड्डा भी काफिले के साथ धरने पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह जाट समाज के साथ है और धरने को समर्थन करते हैं। इसके साथ ही पूर्व विधायक संत कुमार और किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह भी धरने पर पहुंचे। उन्होंने भी धरने को समर्थन देते हुए शांति और भाईचारे के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस दौरान वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर प्रदेश का भाईचारा बिगाड़ने का आरोप लगाया। भाजपा के कार्यकाल में जाटों को मोहरा बनाया जा रहा है। गौरतलब है कि धरने के पहले दिन आयोजकों की तरफ से प्रदेश के जाट नेताओं को पत्र भेजे गए थे, जिसमें कहा गया था कि जाटों का समर्थन किया जाए, नहीं तो बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद से ही धरने पर राजनैतिक पार्टियों की हलचल बढ़ गई है।

गर्मी की वजह से बेहोश हुआ आंदोलनकारी

बृहस्पतिवार को गर्मी की वजह से धरने पर बैठे धामड़ गांव निवासी राजसिंह अचानक बेहोश हो गया। आनन-फानन में उन्हें वहां पर खड़ी एंबुलेंस में बैठाकर पीजीआई भेजा गया। पीजीआई में उपचार के कुछ देर बाद उनकी हालत सामान्य हुई। आयोजकों का कहना है कि राजसिंह लगातार 11 दिनों से धरने पर आ रहे हैं। हालत बिगड़ती देख अब उन्हें आराम के लिए कहा गया है।
विज्ञापन

 
बोले वक्ता- मत करो सरकार का सहयोग

वक्ताओं ने कहा, जाट शांतिपूर्वक तरीके से अपना हक मांग रहा है, लेकिन अब इसे और अधिक मजबूत करना होगा। उन्होंने आह्वान किया कि कुछ भी नया सामान मत खरीदो। सरकार को सहयोग देना बंद करना होगा। तभी सरकार को जाटों की एकजुटता का पता चलेगा।

जाटों ने सरकार के बुलावे को ठुकराया, नहीं करेंगे वार्ता

जाट आरक्षण और दूसरी मांगों को लेकर शुक्रवार को होने वाली वार्ता का न्योता जाटों ने ठुकरा दिया है। खापों के साथ अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने चंडीगढ़ जाकर सरकार से बात करने से इनकार कर दिया है। वहीं हवा सिंह सांगवान गुट की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पा रही है। बता दें कि प्रदेश के कई जिलों में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति (मलिक गुट) के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरने चल रहे हैं। धरने खत्म करवाने के लिए सरकार की तरफ से खापों और जाट समितियों के पदाधिकारियों को शुक्रवार को चंडीगढ़ में वार्ता के लिए बुलाया गया है। इस निमंत्रण को लेकर समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक का कहना है कि धरने उनकी समिति के आह्वान पर चल रहे हैं, जबकि सरकार खाप प्रतिनिधियों व अन्य समितियों के पदाधिकारियों के साथ वार्ता कर रही है। इससे धरने समाप्त नहीं होंगे। खाप या अन्य समितियों के नेताओं के साथ बैठकर हम वार्ता नहीं करेंगे। इसलिए इस वार्ता में समिति की तरफ से कोई प्रतिनिधि भाग नहीं लेगा।

उधर, रोहतक-84 खाप प्रधान हरदीप अहलावत का कहना है कि सरकार के साथ वार्ता करने का कोई फायदा नहीं है। कई बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। सरकार खाप प्रतिनिधियों और समाज को आमने-सामने खड़ा कर रही है। हम समाज के साथ हैं और इसलिए इस वार्ता में रोहतक, सोनीपत और झज्जर जिले का कोई भी खाप प्रतिनिधि भाग नहीं लेगा।

वहीं, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष हवा सिंह सांगवान का कहना है कि वार्ता के लिए सरकार की तरफ से निमंत्रण मिला है। शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। इसके लिए मैं चंडीगढ़ जाऊंगा। अगर समय मिला तो सरकार के साथ भी वार्ता करेंगे।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें