फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोहतक जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड: पीड़ित पक्ष ने मांगी फांसी, दोषी कोच ने बूढ़े मां-बाप हवाला देकर मांगा रहम

Wed, 21 Feb 2024 12:58 PM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)

सार

रोहतक जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड में अदालत ने 23 फरवरी तक फैसला सुरक्षित रख लिया। दोनों पक्षों के बीच सजा पर 45 मिनट तक बहस चली। पीड़ित पक्ष ने अदालत से दोषी कोच सुखविंदर को फांसी की सजा देने की मांग की। वहीं, सुखविंदर ने रहम की मांग की।
विज्ञापन
दोषी कोच सुखविंदर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रोहतक जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड में बुधवार को 45 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच सजा पर बहस चली। पीड़ित पक्ष ने अदालत से मांग की कि क्रूरता से छह लोगों की हत्या की गई। केस को अति गंभीर अपराध की श्रेणी में मानते हुए दोषी कोच सुखविंदर को फांसी की सजा दी जाए। जबकि सुखविंदर ने वकील के माध्यम से दया याचिका दायर करते हुए रहम की मांग की। कहा, उसके माता-पिता बुजुर्ग हैं। साथ ही सात साल का बेटा है। पत्नी से तलाक हो चुका है। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस के बाद 23 फरवरी तक फैसला सुरक्षित रख लिया।

विज्ञापन


पुलिस रिकार्ड के मुताबिक यूपी के शहर मथुरा निवासी महिला पहलवान पूजा तोमर रोहतक के जाट काॅलेज के अखाड़े में प्रशिक्षण ले रही थी। उसने मुख्य कोच विनोद मलिक को शिकायत दी थी कि कोच सुखविंदर उसे परेशान कर रहा है। शादी के लिए दबाव डालता है। मुख्य कोच ने आरोपी कोच को अखाड़ा छोड़ने की चेतावनी दी थी।

आरोप है कि इस बात से नाराज होकर आरोपी कोच सुखविंदर ने 12 फरवरी 2021 की शाम अखाड़े में पहुंचकर रिवाल्वर से मुख्य कोच मनोज मलिक, उनकी पत्नी साक्षी मलिक, मांडोठी निवासी कोच सतीश, मोखरा निवासी प्रदीप व महिला पहलवान यूपी की मथुरा निवासी पूजा तोमर को गोली मार दी। पांचों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि मुख्य कोच के बेटे 2 साल माह के सरताज को ऊपर ले जाकर सिर में गोली मारी। तीन दिन उपचार के दौरान सरताज की भी मौत हो गई।
विज्ञापन


हालांकि जाट किशोरी कॉलेज के बाहर बुलाए गए कोच निडाना निवासी अमरजीत को भी आरोपी कोच ने गोली मारी, लेकिन उसकी जान बच गई। दिल्ली पुलिस ने आरोपी कोच सुखविंदर को बादली के पास गिरफ्तार कर लिया था। जांच में खुलासा हुआ कि यूपी के मुजफ्फनगर जिले के गांव राजपुर-छाजपुर निवासी मनोज ने आरोपी कोच को हथियार उपलब्ध करवाए थे। पीड़ित पक्ष ने मनोज पर वारदात की साजिश में शामिल होने का भी आरोप लगाय था, लेकिन अदालत में उस आरोप को साबित नहीं किया जा सका।

इन धाराओं में ठहराए गए थे दोनों आरोी दोषी
19 फरवरी को अदालत ने आरोपी कोच सुखविंदर को आईपीसी की धारा 302, 307, 342, 201 व 25 प 27 आर्म्ज एक्ट के तहत दोषी करार दिया गया था, जबकि आरोपी पूर्व सैनिक मनोज को आर्म्ज की धारा 29 का दोषी माना गया था। 

दो केस में पहले सुना चुकी है रोहतक कोर्ट फांसी की सजा
बुधवार को अदालत में बहस के दौरान अदालत में पीड़ित पक्ष के वकील जय हुड्डा ने कोर्ट से मांग की कि दोषी कोच सुखविंदर ने बेरहमी से छह लोगों की हत्याएं की। ऐसे में उसे फांसी की सजा दी जाए। रोहतक कोर्ट ने 2014 में कबूलपुर कांड की दोषी सोनम व उसके प्रेमी को फांसी की सजा सुनाई थी। जबकि दिसंबर 2015 में नेपाली युवती दुष्कर्म व हत्या के केस में सात दोषियों को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी। दोनों केस में अभी तक दोषियों को फांसी नहीं हो सकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें