जाट भवन में हुई जाट युवा एकता मंच के पदाधिकारियों की बैठक
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जाट युवा एकता मंच ने एक बार फिर से जेल भरो आंदोलन की घोषणा कर दी है। 5 जून से शुरू होने वाले आंदोलन का आगाज इस बार भी जाट भवन से ही होगा। बृहस्पतिवार को जाट भवन में हुई जाट युवा एकता मंच की बैठक में पदाधिकारियों ने यह निर्णय लिया।
मंच के संयोजक नवीन मलिक ने कहा कि सरकार साजिश के तहत निर्दोष लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर जेलों में डाल रही है। युवाओं के भविष्य के साथ यह बड़ा खिलवाड़ है। जाट आरक्षण के नाम पर जाटों को गुमराह किया जा रहा है, जिसमें सभी राजनीति पार्टियां सरकार का साथ दे रही हैं। प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट में यह साफ हो चुका है कि शांतिपूर्ण चल रहे आंदोलन में हिंसा भड़काने का काम भाजपा नेताओं ने किया था। भाजपा सांसद राजकुमार सैनी समेत तमाम भाजपा नेता जो इस साजिश में शामिल थे, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए आम आदमी और कुछ अधिकारियों को बलि का बकरा बना रही है। बैठक में निर्णय हुआ कि झूठे मुकदमे हटवाने और युवाओं की रिहाई के लिए पांच जून को फिर से जेल भरो आंदोलन की शुरुआत होगी। इस मौके पर जुगनू बोहर, सुनील, दीपक खोखर, मंदीप, रामसिंह, सुरेंद्र, संदीप, रामबीर, अमित, विनीत धनखड़, अमित दहिया, विनोद और सोनू मौजूद रहे।
जाट भवन के अंदर नहीं होने देंगे कोई गतिविधि
जाट युवा एकता मंच ने भले ही जाट भवन से जेल भरो आंदोलन का आह्वान किया हो, लेकिन जाट सभा ने इसके लिए अनुमति देने से इंकार कर दिया। सभा के प्रधान मेजर चंद्र सिंह ने कहा कि इस धरना-प्रदर्शन से जाट सभा का कोई मतलब नहीं है। जाट भवन की चारदीवारी के अंदर ऐसी गतिविधि नहीं होने देंगे।