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ग्रामीण क्षेत्रों में पांच जून से होंगे अनिश्चितकालीन धरने

Tue, 31 May 2016 01:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने किया एलान - फोटो : amar ujala
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सरकार की वादाखिलाफी पर पांच जून को प्रदेश के सभी जिलों में न्याय रैली निकाली जाएगी, जिसके बाद अनिश्चितकालीन धरने शुरू हो जाएंगे। आम जनता को परेशानी न हो, इसीलिए इस बार धरना प्रदर्शन शहर से दूर ग्रामीण क्षेत्रों में किये जाएंगे। रोहतक में धरना जसिया चौक पर दिया जाएगा। आंदोलनकारी शांतिपूर्वक सड़क के किनारे बैठे रहेंगे। यह बात अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने डी-पार्क स्थित एक निजी होटल में पत्रकारों से बातचीत में कही।
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सोमवार को समिति के जिलाध्यक्ष अशोक बल्हारा ने कहा कि फरवरी में हुए आंदोलन के समय सरकार ने वादा किया था कि जाटों की मांगों को पूरा किया जाएगा, लेकिन इतना समय बीतने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। निर्दोष युवाओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर जेलों में डाला जा रहा है। सरकार ने जाट आरक्षण को भी शेड्यूल-9 में शामिल नहीं किया, जिस कारण हाईकोर्ट ने इस पर स्टे लगा दिया है। इसमें सरकार की लापरवाही सामने आ रही है। उन्होंने डीजीपी के बयान पर भी विरोध जताया। कहा कि डीजीपी स्तर के अधिकारी का ऐसा बयान संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन करता है। कहा कि यशपाल मलिक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जो किसी भी प्रदेश का हो सकता है। ऐसे में यह कहना गलत है कि यूपी के लोग यहां आकर दंगा भड़का रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत अन्य कार्यकर्ताओं पर हुए देशद्रोह के मुकदमे को गलत बताया है।
उपाध्यक्ष विजयदीप पंघाल और सचिव कृष्ण लाल हुड्डा ने कहा कि पांच जून को न्याय रैली के बाद ग्रामीण इलाकों में धरने शुरू किये जाएंगे। इस मौके पर नरेश बल्हारा और जयपाल मलिक आदि भी मौजूद रहे।
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पांच जून के आंदोलन पर असमंजस में खाप

रोहतक। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर पांच जून को होने वाले आंदोलन के संबंध में खापों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। आंदोलन में शामिल होने पर खपों ने कोई निर्णय नहीं लिया है। वहीं, विभिन्न जाट संगठनों के पदाधिकारी भी आंदोलन से पीछे हटते दिखाई दे रहे हैं। कोई आंदोलन को संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक की घोषणा बता रहा है, तो कोई शांतिपूर्वक बात रखने के पक्ष में है। सर्वजातीय सर्व खाप महापंचायत की महिला विंग भी फिलहाल आंदोलन के पक्ष में नहीं है।
पांच जून के आंदोलन के संबंध में अभी तक भले ही जाट संगठनों में एक राय नहीं बनी है, लेकिन सरकार और पुलिस-प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद और सतर्क हो गया है। जिलों में पैरा मिलिट्री फोर्स बुला ली गई है तो गुप्तचर विभाग भी सक्रिय हो गया है। आंदोलन के संबंध में अमर उजाला ने खाप प्रतिनिधियों एवं विभिन्न जाट संगठनों से बातचीत की तो सभी की राय अलग-अलग निकली।

रोहतक 84 खाप प्रधान हरदीप अहलावत का कहना है कि पांच जून के आंदोलन को लेकर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है न ही कोई निर्णय लिया गया है। जल्दी ही रोहतक, सोनीपत और झज्जर जिले के खाप प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई है। इसमें आंदोलन के संबंध में विचार-विमर्श किया जाएगा। सभी की सहमति के बाद आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया जाएगा। अभी इस बारे में कुछ नहीं कह सकते।

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष कमांडेंट हवा सिंह सांगवान का कहना है कि हम इस आंदोलन में शामिल नहीं होंगे। फिलहाल कानूनी तरीके से लड़ाई लड़ी जाएगी। चंडीगढ़ में वकीलों से बातचीत की जा रही है। 21 जुलाई से पहले कोई भी आंदोलन नहीं होगा। सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत की महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष संतोष दहिया का कहना है कि अभी नेताओं को धैर्य रखना चाहिए। आंदोलन के लिए इतनी जल्दबाजी ठीक नहीं है। पांच जून के आंदोलन में वह शामिल नहीं होंगी।
अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक राठी का कहना है कि यह आंदोलन सरकार की मिलीभगत से हो रहा है। यशपाल मलिक पर देशद्रोह का मुकदमा है, ऐसे में उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए। मलिक की जगह कोई आम आदमी होता उसे पुलिस अब तक गिरफ्तार कर लेती। जाट युवा एकता मंच के संयोजक सतीश राणा का कहना है कि पांच जून के आंदोलन के संबंध में खाप और संगठनों से बातचीत की जा रही है। सभी को साथ लेकर आंदोलन में शामिल होंगे।
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