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Rohtak Family Accident: दो साल में एक परिवार ने खोए नौ लोग, अब एक बार फिर जली तीन चिताएं

Sun, 29 Jun 2025 01:01 AM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक

सार

हरियाणा राज्य के रोहतक जिले में एक परिवार के नौ लोगों की दो साल में मौत हो गई है। राजस्थान के दौसा में हुए सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हुई है। इन्हीं में से तीन इसी परिवार के लोग थे। डिटेल में पढ़ें खबर...
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दौसा सड़क हादसे में एक परिवार के तीन लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खेड़ी साध गांव निवासी दिपांशु, उनकी मां प्रमिला व बहन साक्षी की मौत से हर कोई स्तब्ध है। उनके परिवार में दो साल में नौ लोगों की मौत हो जाने से गांव के लोग भी सदमे में हैं और हर कोई यही बात कह रहा कि उन पर कठिन समय है। परिवार में लगातार हो रही मौत को लेकर परिवार के लोग डरे हुए थे। राहुल ने बताया कि उनके चाचा दिवंगत राजेंद्र परिवार के साथ खुशहाल जीवन जी रहे थे। करीब दो साल पहले अचानक ट्रक से गिर गए और उनकी रीढ़ की हड्डी में चोट आ गई। इस कारण वह बेड पर आ गए और घर की आर्थिक स्थिति गड़बड़ाने लगी।
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दिपांशु ने 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी और फिर घर का खर्च चलाने के लिए आईएमटी स्थित एक निजी कंपनी में काम करने लगा। इसके साथ ही एयर कंडीशनर की सर्विस करना सीखा और ओवरटाइम कर घर का खर्च चला रहा था। पिता के इलाज के लिए काफी मशक्कत की, लेकिन उनको बचा नहीं पाया। दो माह पहले ही उनकी मौत हो गई थी।

परिवार के इन सदस्यों की हो चुकी है मौत

दिपांशु के पिता, दो मामा, नाना की भी मौत उनके घर पर ही आकर हुई थी। इनके अलावा, उनके दूसरे चाचा रामचंद का हार्ट फेल होने से निधन हो गया था, जबकि उनके चचेरे भाई ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी और अब दिपांशु, साक्षी और चाची प्रमिला के चले जाने से पूरा परिवार बिखर गया है।
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सड़क हादसे में मारे गए परिजनों का अंतिम संस्कार करते लोग - फोटो : अमर उजाला
दोस्त के पास आई थी हादसे की सूचना

दौसा में हादसे के बाद कार नंबर के आधार पर उसके दोस्त के पास रात करीब 1 बजे फोन पर सूचना आई थी। उसे बताया गया था कि कैंटर से कार टकरा गई है। इसमें कौन-कौन थे। इस पर पुलिस को उन्होंने बताया कि उनकी कार को दोस्त दिपांशु मेहंदीपुर बालाजी जाने के लिए लेकर गया है। पुलिस ने बताया कि कार में सवार सभी लोगों की मौत हो गई। इसकी सूचना दिपांशु के दोस्त ने उनके चाचा कृष्ण को दी। कृष्ण को जब हादसे का पता चला तो वह सदमे में आ गए। परिवार के सदस्य रोने लगे तो आसपास के लोग एकत्र हुए और घटना की जानकारी दूसरे लोगों को दी। रात में ही परिवार के लोग दौसा के लिए रवाना हो गए।

ग्रामीणों ने बताया कि प्रमिला दोनों बच्चों के साथ मेहंदीपुर बालाजी जाने का कार्यक्रम बना रही थीं। इसी दौरान रिश्ते की चाची राजबाला भी उनके घर पहुंच गईं। बालाजी के दर्शन की बात सुनकर उन्होंने भी साथ चलने की बात कही। प्रमिला ने बताया कि उनके साथ कोई और महिला जाएगी और कार में जगह नहीं रहेगी, लेकिन प्रमिला और रिश्ते की चाची राजबाला आपस में काफी करीबी थीं। इस वजह से उन्होंने दूसरी पड़ोस की महिला को साथ ले जाने से इन्कार कर दिया, जबकि राजबाला को फोन करके शाम को घर बुलाया और मेहंदीपुर बालाजी के लिए रवाना हो गए। राजबाला के पति कर्मवीर की मौत हो चुकी है। उनके दो बेटे अमित और सुमित हैं, दोनों शादीशुदा हैं।



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