प्रदेश में बिजली संकट बढ़ सकता है। सामूहिक अवकाश पर गए बिजली कर्मचारियों पर निगम की बड़ी कार्रवाई से कर्मचारियों का गुस्सा भड़क गया है। अब कर्मचारी सोमवार से पूरे प्रदेश में ऑफिसों पर ताले लगाएंगे। इस बार सामूहिक अवकाश एक दिन का नहीं होगा, बल्कि कर्मचारियों पर की गई कार्रवाई वापस लेने तक जारी रहेगा। चेतावनी दी है कि मांग पूरी होने तक ऑफिस नहीं खोले जाएंगे। तय है कि भीषण गर्मी में उपभोक्ता फिर परेशान होंगे और उनको बिजली सप्लाई में समस्या से जूझना पड़ेगा। गुस्साए कर्मचारियों ने हरियाणा बंद तक की चेतावनी दी है।
सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में 11 मई को सामूहिक अवकाश पर गए कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई कर दी गई है। प्रदेश में 10 हजार ठेका कर्मचारी हटाना, 100 से ज्यादा सस्पेंड करना और 28 हजार का वेतन काटना कर्मचारी नेता पूरी तरह से गलत बता रहे हैं। इसके लिए बड़ा आंदोलन शुरू करने की तैयारी कर दी गई है। कर्मचारी नेताओं की मानें तो सोमवार से उन सभी सर्कल ऑफिसों के कर्मचारी पूरी तरह से अवकाश पर रहेंगे, जहां-जहां किसी भी कर्मचारी पर कार्रवाई की गई है। इनमें रोहतक, पानीपत, सोनीपत, करनाल, अंबाला, यमुनानगर आदि जिले शामिल हैं। जहां कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है, वहां सर्कल ऑफिसों पर ताले जड़े जाएंगे और प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मियों के बड़े आंदोलन से आमजन की परेशानी बढ़ेगी। क्योंकि 11 मई को केवल एक दिन के सामूहिक अवकाश के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ी थी।
रोहतक के सभी ठेका कर्मी हटाए, 9 को सस्पेंड किया गया
सबसे बड़ी कार्रवाई रोहतक में हुई है। यहां से सभी ठेका कर्मियों को हटा दिया गया है और यहां 9 सरकारी कर्मियों को सस्पेंड किया गया है। इन सभी पर विभाग विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के लिए कार्रवाई की गई है। एसई ज्ञानचंद ने ठेकेदार को जल्द ही नए कर्मी भर्ती करके देने के लिए पत्र लिखा है। 11 मई को सामूहिक अवकाश पर रहने वाले 1 हजार से ज्यादा कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने की भी संस्तुति कर दी गई है।
हम किसी भी हालत में कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिस तरह से कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है, उससे लगता है कि सरकार कर्मचारियों की आवाज दबाना चाहती है। लेकिन ऐसा नहीं होगा और जितनी कार्रवाई की जाएगी, उतना ही आंदोलन बढ़ता चला जाएगा।
बिजेंद्र बेनीवाल, वरिष्ठ नेता ज्वाइंट एक्शन कमेटी पावर।
हमने सोमवार से उन सभी सर्कल में कार्यालयों को बंद करने का फैसला लिया है, जहां एक भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अगर कार्रवाई वापस नहीं हुई तो हम बिजली ही नहीं, पूरा हरियाणा बंद कर देंगे।
देवेंद्र हुड्डा, प्रधान ऑल हरियाणा पावर वर्कर्ज यूनियन।