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रोहतक: एससी-एसटी आयोग के चेयरमैन ने एसपी को पंचकूला तलब कर मांगा जवाब, ये है पूरा मामला

Thu, 21 Sep 2023 12:27 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन डॉ. रविंद्र रोहतक के सर्किट हाउस में पहुंचे। आयोग के आने की सूचना देने में लापरवाही बरती जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। 
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शिकायतों की सुनवाई करते हुए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन डॉ. रविंद्र बलियाला बुधवार को रोहतक सर्किट हाउस पहुंचे। यहां एससी-एसटी एक्ट में दर्ज सभी पीड़ितों, आरोपियों व आईओ के पेश न होने पर वह पुलिस अधिकारी पर नाराज हो गए। सवाल उठाया कि ऐसा क्यों हुआ। आयोग के आने की सूचना देने में लापरवाही क्यों हुई। अब एसपी को आयोग ने तलब किया है।

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3 अक्तूबर को पंचकूला स्थित आयोग के कार्यालय में जवाब देना होगा। वहीं पुलिस अधीक्षक सुरक्षा शाखा ने पुलिस प्रशासन से जवाब देने संबंधी किसी भी तरह का पत्र नहीं मिलने की बात कही है। साथ ही बताया गया कि पत्र मिलने या लिखित रूप में जवाब मांगने पर उचित कदम उठाया जाएगा।

चेयरमैन डॉ. रविंद्र बलियाला बुधवार को थानों में भारतीय दंड संहिता, अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज 27 मामलों की सुनवाई के लिए आए थे। यहां कई मामलों में शिकायतकर्ता नहीं पहुंचे तो किसी का दूसरा पक्ष नहीं आया। कुछ शिकायतों में तो दोनों पक्ष ही नहीं आए। यहां तक कि मामलों की जांच कर रहे आईओ भी मौके पर नहीं पहुंचे।
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दूसरी ओर, उन्होंने बताया कि जनवरी 2023 में आयोग गठन के बाद प्रदेश से लगभग 400 लोगों की शिकायतों का निपटारा हो चुका है। आयोग जिलास्तर पर खुद लोगों की शिकायतों का निपटारा कर रहा है ताकि लोगों का समय और खर्चा बचाया जा सके।

इस मौके पर आयोग के उपाध्यक्ष विजेंद्र बडगुजर, सदस्य मीना नरवाल, रत्न लाल व अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सुनवाई में आए 27 में 15 ऐसे मामले रहे, जिनमें अभी जांच चल रही है। कई मामलों में गिरफ्तारी भी की गई। यहां जातिगत टिप्पणी करने, दुष्कर्म और लव मैरिज से जुड़े मामले पर सुनवाई होनी थी। हालांकि ऐसे मामलों में गिरफ्तारी हो चुकी है और कुछ केस रद भी किए गए हैं। पॉक्सो एक्ट मामले में फिलहाल जांच चल रही है।

नियमानुसार एससी-एसटी के मामलों का आईओ डीएसपी होता है। यदि किसी को आईओ के खिलाफ कहना है तो एसपी से ही कहेंगे। सुनवाई की सूचना किसी के पास सही तरीके से नहीं थी। इसके लिए एसपी से पूछा गया है कि ऐसा क्यों हुआ। वह भी बैठक में आ गए थे, लेकिन उस समय तक अधिकांश सुनवाई हो चुकी थी। उनको पंचकूला बुलाया है। -डॉ. रविंद्र बलियाला, चेयरमैन, हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग

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