दंगा रोहतक को लंबे समय तक दर्द देगा। दंगों ने विदेशों तक में शहर की छवि बिगाड़ दी है। अब देसी और विदेशी उद्यमियों ने यहां उद्योग लगाने से मुंह मोड़ लिया है। पूरे प्रदेश में जहां 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा, वहीं रोहतक में एक रुपया भी नहीं लगाया जाएगा। यहां पहले लग चुके उद्योगों को एचएसआईआईडीसी की ओर से कोई सुविधा भी नहीं मिलना, इसका कारण माना जा रहा है। अब सरकार को सोचना होगा कि फिर से उद्यमियों का भरोसा कैसे जीता जाए।
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रव की शुरुआत रोहतक से हुई थी। यहां दुकान, शोरूम, मॉल और फैक्ट्रियाें को निशाना बनाया गया। यहां की कई फैक्ट्रियों को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया था जो अभी तक चालू नहीं हो सकी हैं। इसी बीच प्रदेश में उद्यमियों से निवेश कराने के लिए सरकार ने गुड़गांव में हरियाणा इनवेस्टर समिट कराई, जिसमें 12 देशों के उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
प्रदेश में 20 हजार करोड़ के निवेश पर उद्यमियों के साथ सरकार की सहमति बनी और उसके एमओयू (करार) भी साइन हो गए। लेकिन यह रोहतक के लिए दुर्भाग्य की बात होगी कि फिलहाल यहां एक भी उद्यमी निवेश नहीं करेगा और यहां के हिस्से में एक भी उद्योग नहीं आएगा। ये हालात तब हैं, जब रोहतक को प्रदेश के बेहतर जिलों में गिना जाता है।
लेकिन दंगों के बाद से उद्यमी यहां उद्योग लगाना सुरक्षित नहीं मान रहे हैं। वहीं पहले बन चुके औद्योगिक क्षेत्रों में कोई भी सुविधा नहीं मिलने के कारण भी उद्यमी निराश हैं। इससे शहर के विकास पर तो असर पड़ेगा ही साथ में युवाओं के सामने रोजगार की समस्या भी खड़ी हो सकती है।
उद्यमी लुभाने को तीसरा फेज तैयार कर रहा एचएसआईआईडीसी
हरियाणा इनवेस्टर समिट से भले ही रोहतक को कुछ नहीं मिला हो, लेकिन उद्यमियों को लुभाने के लिए एचएसआईआईडीसी (हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन) एक नया फेज तैयार करने में लगा है। पहले हिसार रोड पर पुराना और नया औद्योगिक क्षेत्र बनाया गया। दिल्ली रोड पर आईएमटी में एचएसआईआईडीसी के फेज एक व दो पहले ही बने हैं।
हिसार रोड स्थित औद्योगिक इलाके में उद्यमियों को सुविधाओं के लिए रोना पड़ता है। वहीं आईएमटी में कुछ बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। अब दावा है कि खेड़ी साध में बन रहे एचएसआईआईडीसी के फेज तीन में हर तरह की बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। यहां सड़कें काफी चौड़ी होंगी तो वहां पानी, सीवर लाइन, ग्रीन लाइन, सड़कों पर लाइट की बेहतर सुविधा होगी। फेज चंद महीनों में तैयार होने वाला है।
एचएसआईआईडीसी की ओर से फेज तीन बनाया जा रहा है, यहां उद्यमियों को हर तरह की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इस फेज के लिए उद्यमियों से संपर्क भी किया जा रहा है। ताकि वे यहां आकर निवेश कर सकें और यहां उद्योग बढ़ सके।
कुलदीप कादियान, इस्टेट ऑफिसर एचएसआईआईडीसी।
दंगे के दौरान हमारी फैक्ट्री को पूरी तरह से जला दिया गया। अब कई महीनों तक इसे शुरू नहीं किया जा सकता। इस हालात में उद्यमी यहां फैक्ट्री लगाने से जरूर डरेगा। यहां सुरक्षा के साथ ही अन्य सुविधाओं का भरोसा दिलाया जाए तो उद्योग बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
सी. के. गुप्ता, जीएम हाईटेक प्लास्टो लिमिटेड।
जब कोई बवाल होता है तो फैक्ट्रियों के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती है। ऐसे में उद्यमी यहां क्यों आएंगे? हमारे यहां फैक्ट्री में दंगे के दौरान इलेक्ट्रिक हाउस जला दिया गया था और अन्य कई जगह तोड़फोड़ की गई थी। रूमेश विग, एमडी माइक्रोन प्रीसेशन स्क्रूज लिमिटेड।
सरकार की ओर से उद्यमियों के लिए न कोई सुरक्षा है और न कोई सुविधा। योजनाएं चलाने का ऐलान कर दिया जाता है, लेकिन उद्यमियों को उनका फायदा कभी नहीं दिया जाता है। केवल कागजों में ही उद्यमियों को सुविधाएं मिल रही हैं। ऐसे में उद्यमी यहां निवेश क्यों करेंगे।
राजेंद्र बंसल, एमडी रोहित स्टील्स।