13 रैनकपुरा के एमटीएफसी संस्था में बच्चों को निशुल्क पढ़ाती अनीता। स्रोत : संस्था
रोहतक। कहते हैं कि शिक्षा जितनी बांटो उतनी बढ़ती है। रोहतक के कन्हेली गांव की बेटी अनीता इन्हीं पंक्तियों को अपने जीवन में आत्मसात करती हुई अनेक बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हैं। वे 16 साल पहले शहर की जिस संस्था में पढ़ी, अब वहीं पर बच्चों को निशुल्क पढ़ा रही हैं।
वे शहर के एमटीएफसी संस्था के बच्चों को पढ़ाती हैं। खुद भी 10वीं कक्षा में यहां निशुल्क पढ़ना शुरू किया और अब पीएचडी कर रही हैं। अनीता यहां संस्था के बच्चों को कौशल भी सिखा रही हैं।
मेक द फ्यूचर ऑफ कंट्री (एमटीएफसी) संस्था से अनीता 19 अप्रैल, 2009 को छात्रा के रूप में जुड़ी थीं। उस समय वह 10वीं कक्षा में पढ़ती थीं। वह बताती हैं कि यहां के सेवाकार्यों से ने इतना प्रभावित किया कि उन्होंने अपना जीवन इन्हीं सेवा कार्यों में समर्पित कर दिया।
सीखना-सिखाना, पढ़ना-पढ़ाना ही उनका लक्ष्य बन गया। अब वे भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां सोनीपत से समाजसेवा के क्षेत्र में पीएचडी कर रही हैं। विभिन्न सेवा कार्यों को संभालते हुए वे रैनकपुरा क्षेत्र में शिक्षा का प्रचार-प्रसार कर रही हैं। उनका कहना है कि यह इलाका शिक्षा की मुख्य धारा से बिल्कुल कटा हुआ है।
-
रैनकपुरा में 2022 में शुरू हुआ सेंटर
पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर एमटीएफसी संस्था यहा बच्चों को शिक्षित कर रही है। यहां सेंटर की शुरुआत डीएसपी डॉ. रविंद्र कुमार ने 2022 में कराई थी। शुरुआत से ही वे रैनकपुरा में बनाए सेंटर पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं ताकि यहां के बच्चे मुख्य धारा का हिस्सा बन सकें और अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।