उन्होंने बताया कि वे गांव जाटवास के निवासी हैं और एसएचओ के पद से सेवानिवृत्त हैं। साल 2021 में भिवानी पुलिस थाने से सेवानिवृत्त हुए और इसके बाद से गांव में ही रह रहे हैं।
रविवार सुबह करीब 8:30 बजे उनके चाचा हवा सिंह ने फोन कर अपने घर बुला लिया।
इसके बाद राजबीर किसी की बाइक पर बैठकर गांव से करीब 800 मीटर दूर अपने चाचा के घर गए। इसके बाद करीब 10 बजे वे वापस लौटने लगे तो उनके साथ ही गांव निवासी सुरेंद्र सिंह व उनके चाचा भी आने लगे। जब वे जलघर के करीब पहुंचे तो राजबीर ने अपने चाचा और सुरेंद्र को वापस भेज दिया।
उसी दौरान गांव निवासी बलजीत उर्फ चांदराम और दीपक ने उनका रास्ता रोक लिया। इसके बाद दोनों ने राजबीर को नीचे गिरा दिया और मारपीट करने लगे। उन्होंने बताया कि गांव में दो जाति समुदायों की ओर से मंदिर निर्माण कराया जा रहा है। इसमें एक मंदिर का मामला कोर्ट में विचाराधीन है जबकि एक जाति विशेष की ओर से भी मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है।
घायल ने इस मंदिर निर्माण के लिए 11 लाख रुपये दान राशि भेंट की थी। वहीं आरोपी पक्ष की ओर से उनके मंदिर निर्माण में राशि न देने पर कहासुनी चल रही है। इसकी रंजिश बनाकर आरोपी उनको परेशान कर रहे हैं।
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आरोपी दीपक पहले भी मारपीट संबंधी कई वारदात कर चुका है और इसके खिलाफ काफी मामले दर्ज हैं। फिलहाल आरोपी ने अदालत से अग्रिम जमानत ले रखी है और अब भी ऐसी ही वारदात कर रहा है।
वर्जन:
मामले की अभी जांच चल रही है और दोनों पक्षों की ओर से बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
-पवन कुमार, प्रभारी, शहर थाना, महेंद्रगढ़