माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। दिवाली के त्योहार पर डॉ. सुभिता ढाका के घर बड़ी खुशखबरी आई है। वह पीजीआई के सह निदेशक पद से सेवानिवृत्त होने के छह माह बाद आईएएस पदोन्नत हुई हैं। डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) का मामला अदालत में विचाराधीन होने के चलते छह साल बाद फैसला उम्मीदवारों के पक्ष में आया है। नियमानुसार उन्होंने डेढ़ वर्ष आईएएस रहने का अवसर मिलने का दावा किया है।
सेक्टर एक निवासी वरिष्ठ एचसीएस अधिकारी डॉ. सुभिता ढाका आईएएस बन गई हैं। सरकार ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। उन्हें वर्ष 2018 बैच मिला है। इस बैच के मिलने से वर्तमान में कार्यरत लगभग 48 से अधिक आईएएस अधिकारियों से वरिष्ठ बन गई हैं। उनका कहना है कि आईएएस बनने के अवसर का सभी को इंतजार रहता है। उनका यह सपना अब पूरा हुआ है।
इस्माइला के सरकारी स्कूल से पढ़कर आईएएस तक पहुंची
डॉ. सुभिता ढाका मूलरूप से इस्माइला गांव की है। यह अपने गांव की अन्य बेटियों की तरह सरकारी स्कूल में पढ़ने के बाद एमडीयू से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर किया। यहीं से एमफिल व एपीएचडी की।
कार्यकुशलता से पहुंचाया समाज व जनता को लाभ
भाजपा के जिलाध्यक्ष एडवोकेट रणवीर ढाका ने कहा कि एक बेहतर अफसर अपनी कार्य कुशलता से समाज व जनता को लाभ पहुंचाता है।