रोहतक। रजिस्ट्री कराने वाले व्यक्ति के विरोधियों को सूचनाएं लीक करने और तहसीलदार को गुमराह करने के मामले में उपायुक्त ने सोमवार को महिला रजिस्ट्री क्लर्क को चार्जशीट थमाते हुए तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निर्देश दिए गए हैं कि निलंबन अवधि के दौरान वह मुख्यालय से संबद्ध रहेंगी।
उपायुक्त आरएस वर्मा ने बताया कि रजिस्ट्री विभाग में मीना देवी रजिस्ट्री क्लर्क के रूप में तैनात हैं। इसी विभाग में उनका पति डिप्टी सुपरिंटेंडेंट पद पर हैं। उन्होंने बताया कि शिकायत मिली थी कि रजिस्ट्री कराने आए एक व्यक्ति के विरोधियों से सांठगांठ करके मीना देवी ने सूचना लीक कर दी। इसके बाद जब मामला तहसीलदार के पास पहुंचा तो मीना देवी ने दस्तावेज रखते हुए गुमराह कर दिया, ताकि पीड़ित के विरोधियों को लाभ मिल जाए। इस मामले की जांच करवाई कई तो मीना देवी को दोषी पाया गया। इसके चलते उन्हें चार्जशीट थमाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया। उपायुक्त ने बताया कि निलंबन अवधि के दौरान मीना देवी मुख्यालय से संबद्ध रहेगी। इसके साथ ही जांच करवाई जा रही है कि उसके साथ कौन-कौन संलिप्त रहा।