सोनीपत। राजकीय विद्यालयों में शिक्षा स्तर में सुधार को लेकर शिक्षा विभाग निरंतर प्रयासरत है। इस कड़ी में विद्यार्थियों के पठन कौशल का विकास करने के लिए स्कूलों में पठन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। विद्यालयों में पठन प्रचार माह मनाया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों के पठन कौशल में सुधार लाया जा सके। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की तरफ से समग्र शिक्षा के तहत अधिकारियों को स्कूलों में गतिविधियां करवाने के निर्देश दिए हैं।
पठन कौशल में विद्यार्थी लिखित भाषा को पढ़कर उसका अर्थ समझेंगे। पठन कौशल विकसित करने के लिए शिक्षक पैराग्राफ़, शब्द या वाक्यांश का अर्थ समझाने में मदद कर सकते हैं। स्कूलों में सहयोगात्मक और पढ़ने का वातावरण तैयार करना भी बच्चों में पठन-क्षमता विकसित करने में मदद करता है। इसी उद्देश्य से स्कूलों में छठी से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए पठन वर्धन गतिविधि आयोजित की जाएंगी। इस वर्ष यह गतिविधियां दो भागों में होंगी। इनमें पठन संबंधित गतिविधियां व जादू मधुमक्खी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त वर्तनी, प्रश्नोत्तरी, बुक परेड जैसी गतिविधियां भी शामिल की जा सकेंगी।
यह गतिविधियां कराईं जाएंगी
-प्रत्येक सरकारी विद्यालय में एक पठन क्लब की स्थापना की जाए।
-कक्षा छठी से आठवीं व नौवीं से 12वीं स्तर तक के विद्यार्थियों को आयु व स्तर अनुसार पढ़ने के लिए पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाएं।
-विद्यालयों में पठन कौशल को विकसित करने के लिए सामुदायिक भागीदारी को सुनिश्चित किया जाए।
-सामुदायिक सहयोग के माध्यम से विद्यालय में आस-पास के क्षेत्रों से प्रभावी वक्ताओं को आमंत्रित किया जाए।
डीपीसी करेंगे निरीक्षण
विद्यार्थियों में पठन कौशल के विकास के लिए आयोजित की जाने वाली गतिविधियों का निरीक्षण भी किया जाएगा। इसके लिए सभी जिला परियोजना संयोजक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी स्तरों के अधिकारी इस दौरान विद्यालयों का दौरा कर विभिन्न गतिविधियों को अपने सामने करवाएंगे और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे।
-
स्कूलों में शीतकालीन अवकाश चल रहा है। इसके उपरांत स्कूल खुलने पर विद्यार्थियों के पठन कौशल को निखारने के लिए पठन वर्धन गतिविधियां करवाई जाएंगी। इससे विद्यार्थियों में विभिन्न विषयों के प्रति रुचि उत्पन्न होगी।
नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत