किशोरी के साथ सामूहिक दुराचार के मामले में एसपी ने एसआईटी का गठन किया
है। महिला निरीक्षक सुनीता के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है, जो
पुलिस उपाधीक्षक अनिल यादव की निगरानी में मामले की जांच करेगी।
साथ
ही पीड़िता ने जांच अधिकारी व महिला पुलिसकर्मी पर जो आरोप लगाए हैं, उनकी
भी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने माना कि युवती को रात को थाने में रखा
गया था। बाल संरक्षण आयोग के दखल के बाद आईजी अनिल राव के निर्देश पर
मामले की अलग से जांच की जा रही है।
25 अक्तूबर को क्षेत्र के एक
गांव की किशोरी को गांव धौड़ निवासी प्रदीप शादी का झांसा देकर ले गया।
पंद्रह दिनों के दौरान नाबालिग के साथ नौ लोगों ने दुराचार किया और आठ
नवंबर को कलानौर पुलिस ने उसे गुड़गांव से बरामद किया। पीड़िता ने परिजनों
को आप बीती बताई और इस संबंध में आईजी को 11 नवंबर को एक शिकायत भी दी। साथ
ही बुधवार को इस संबंध में बाल संरक्षण आयोग ने पीड़िता के बयान दर्ज किए।
आयोग की टीम ने पीड़िता को एक रात थाने में रखने पर पुलिस महानिदेशक व
पुलिस अधीक्षक को नोटिस भेजने को कहा है। आयोग द्वारा कार्रवाई किए जाने से
पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है और वीरवार को एसपी ने इस मामले में एसआईटी का
गठन किया।
पुलिस ने माना कि युवती के परिजनों द्वारा उसे घर न ले
जाने पर महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी में उसे एक रात थाने में रखा था।
पीड़िता ने महिला पुलिसकर्मी व जांच अधिकारी पर भी आरोप लगाए हैं। इस मामले
में एक पुलिसकर्मी भी शामिल है जो झज्जर में तैनात है। मामले की जंाच कर
रही एसआईटी टीम की प्रभारी सुनीता का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के
लिए अलग-अलग स्थानों पर टीमें भेजी गई है।
एसपी राजेश दुग्गल
का कहना है कि कलानौर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज करके दो बार
उसे अदालत में पेश किया था। अदालत द्वारा दोबारा पीड़िता के बयान दर्ज
करने की अर्जी को खारिज कर दिया था। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन
किया गया है।