फोटो-61: सेना में लेफ्टिनेंट बने सोलधा निवासी राकेश व उनके परिजन। स्रोत परिजन
बहादुरगढ़। गांव सोलधा निवासी राकेश काजला ने कठिन परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर भारतीय सेना में सिपाही से लेफ्टिनेंट बनने का सपना साकार कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। राकेश को भारतीय थल सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति मिली है।
राकेश काजला भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके रणधीर सिंह के पौत्र तथा अरुण काजला और रजनी के पुत्र हैं। उनके ताऊ रामनिवास काजला भी सेना में सूबेदार के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार में पले-बढ़े राकेश ने बचपन से ही सेना में अधिकारी बनने का सपना देखा था और इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की।
शनिवार को उत्तराखंड के देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में 158वें नियमित एवं 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की पासिंग आउट परेड के दौरान उन्हें लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त किया गया। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए उनके पिता अरुण काजला, माता रजनी, बहन रितू, जीजा हिमांशु, पत्नी माही और बेटी यश्वी भी मौजूद रहे।
राकेश ने गांव सोलधा के राजकीय विद्यालय से वर्ष 2008 में दसवीं और 2010 में बारहवीं की शिक्षा पूरी की। सेना में सेवाकाल के दौरान उन्होंने लांस नायक, नायक और हवलदार के पद तक पदोन्नति प्राप्त की। वर्ष 2019 में स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ उन्होंने एससीओ-58 कोर्स और टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स भी पूरा किया। 11 मार्च 2025 को एसएसबी परीक्षा उत्तीर्ण कर उनका चयन आईएमए देहरादून में हुआ। गांव की सरपंच लक्ष्मी प्रदीप काजला ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई।