बुधवार रात से बृहस्पतिवार रात 24 घंटे में हुई 100 एमएम बरसात ने शहर को जलमग्न कर दिया। गलियों से लेकर मुख्य मार्गों पर पानी ही पानी जमा रहा। इसके चलते सारा जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। सबसे अधिक परेशानी निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और वाहन चालकों को हुई।
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. मदन मोहन ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक 55 एमएम बरसात का रिकार्ड है। इसके बाद भी दिन भर और देर सायं तक अच्छी बरसात हुई है। अनुमान है कि 25 घंटे के अंतराल पर 100 एमएम से अधिक बरसात हुई है। यह बरसात किसानों के लिए फायदेमंद है। गर्मियों में खाली पडे़ तालाब भी भर जाएंगे। धान की फसल में सिंचाई की समस्या से किसानों को राहत मिली है। वहीं मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले बुधवार तक लगातार बरसात होगी। बृहस्पतिवार को मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 29 व न्यूनतम 26 डिग्री दर्ज किया है।
घरों में घुसा पानी, बाल्टी से करनी पड़ी निकासी
बरसात का पानी घरों में पानी घुसने के चलते कई कालोनियों में आम जन को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। अन्नू, बबीता, अंजू, रजनी, शिल्पा, पूजा, सरला ने बताया कि कई घंटे की मशक्कत के बाद उन्होंने घर से पानी निकाला। रात को डर लगा रहा कही फिर बरसात का पानी उनके घर में न आ जाए।
इन क्षेत्रों की रही दयनीय स्थिति
शिवाजी कालोनी, डाकखाने वाली गली, सब्जी मंडी, पुराना हाउसिंग बोर्ड, जनता कालोनी, एकता कालोनी, प्रेम नगर, शीतल नगर, दुर्गा कालोनी, कैलाश कालोनी, सेक्टर, मेडिकल मोड़, शीला बाईपास, छोटूराम चौक, माता दरवाजा, जींद बाईपास, हिसार बाईपास, सैनिक कालोनी, इंद्रा कालोनी, कच्चा बेरी रोड व आउटर की कालोनियां, मुख्य डाक घर के सामने चौक पर
पीजीआईएमएस और सामान्य अस्पताल भी अछूते नहीं
पीजीआईएमएस की सीआरएस ओपीडी में भी बरसात का पानी पहुंच गया। हालांकि पानी को रोकने के लिए शीशों पर टेप लगाई गई थी, लेकिन ओपीडी के अंदर पानी घुस गया। वहीं सामान्य अस्पताल में सीलिंग से व अन्य रास्तों से पानी आता रहा। दोनाें स्थानों पर सफाई कर्मचारियों को घंटों मेहनत करनी पड़ी।
सरकारी विभागों में भरा रहा पानी
गांधी कैंप गर्ल्ज व ब्वायज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, माडल टाउन स्थित गर्ल्ज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बाल भवन, कृषि विभाग, गर्वमेंट गर्ल्ज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बहु अकबरपुर, महम, मदीना के सरकारी स्कूल, सदर थाना, महिला थाना, आकाश वाणी, रेलवे रोड पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग
2010 से 2015 तक की बरसात का आंकड़ा (एमएम में)
माह 2010 2011 2012 2013 2014 2015
जनवरी 6.75 0 3.25 5.0 3.5 5.75
फरवरी 7.25 24.0 0 39.5 3.0 0
मार्च 0 3.75 0 0 4.75 37
अप्रैल 0 4 5.25 0.5 4.25 28
मई 0 15.5 0 0 7.75 1.75
जून 2.25 49.5 2 6.25 7 26.25
जुलाई 91.12 15.25 33.5 33 13.25 77.5
अगस्त 188.25 53.75 105.5 82.25 17 76.25
सितंबर 122.75 70 24.75 24.25 30.25 2
अक्टूबर 4.25 0 0.75 5.75 0 5
नवंबर 3.0 0 0 0 0 1
दिसंबर 6.25 0 14.91 0 0 0
वर्ष 2016 का आंकड़ा
माह बरसात (एमएम में)
जनवरी 0
फरवरी 0
मार्च 11.75
अप्रैल 16.75
मई 0
जून 13.5
जुलाई 84.5
रोहतक में सबसे अधिक तो महम में कम रही बरसात
बुधवार से बृहस्पतिवार सबसे अधिक बरसात रोहतक में हुई। कृषि विभाग का अनुमान है कि बृहस्पतिवार सुबह तक रोहतक में 55, सांपला और कलानौर में 25-25, महम में आठ एमएम बरसात हुई है।
घुटनों तक पानी, वाहन हो गए खडे़
शहर के विभिन्न स्थानों पर जल भराव होने के चलते सड़कों पर घुटनों तक पानी खड़ा हो गया। इसका खामियाजा सबसे अधिक वाहन चालकों को उठाना पड़ा। रास्ते में वाहन खडे़ हो गए और लोगों को धक्के मार कर वाहनों को निकालना पड़ा। वाहन मिस्त्री के पास वाहन सही कराने वालों की खासी भीड़ जमा रही।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने बनाया कंट्रोल रूम
जल भराव की शिकायत सुनने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने सर्कल कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया है। शहरवासी अपनी जल भराव की समस्या के समाधान के लिए 01262-250974 पर 24 घंटे फोन करके संपर्क कर सकते हैं। बृहस्पतिवार देर सायं कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी ने बताया कि उनके पास पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग और राम गोपाल कालोनी में जल भराव होने की सूचना आई है। इसकी जानकारी आगे भेज दी गई है।
घुसकानी में गिरी छत, बाल-बाल बचा
गांव घुसकानी में एक मकान की छत गिरने से अधेड़ महिला सर्पली के साथ परिवार की जान बाल-बाल बच गई। महिला के बडे़ बेटे नसीब ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब वह और उसका भाई काम पर गए थे। लगातार हो रही बरसात के चलते सुबह साढे़ 11 बजे उनके घर की छत गिर गई, जो कि लकड़ी की कड़ी वाली थी। उस समय उसके और उसके छोटे भाई स्कीम के बच्चे आंगन में खेल रहे थे। जब छत गिरी तो उसकी पत्नी सलमा और बच्चे बुरी तरह डर गए। वहीं युवक ने आरोप जड़ते हुए कहा कि उसे ग्राम आवास योजना का लाभ दो साल से नहीं मिला है।