सांपला में बारिश के बाद लहराती धान की फसल। संवाद
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सांपला। बारिश के लिए तरस रहे किसानों को कई दिनों बाद राहत मिली। जुलाई में औसत से कम बारिश हुई है लेकिन वीरवार की रिमझिम बारिश से खेती को फायदा मिला है। पानी की कमी से खेतों में दरार आ गई थीं, वह खत्म हो गई है। इधर, बारिश का सिलसिला जारी रहने से उमस भरी गर्मी से भी राहत मिली है। घरों में लगे पंखे और कूलर राहत दे रहे हैं। सुबह से ही रिमझिम बारिश का दाैर शुरू हुआ जो दिनभर चलता रहा।
पूरे दिन धूप नहीं निकली और लोगों ने बारिश के मौसम का आनंद लिया। जुलाई में कम बारिश से धान की रोपाई को झटका लगा था लेकिन किसानों को भी राहत मिली। किसानों को निजी नलकूपों की मदद से रोपाई करनी पड़ी थी। इसके बाद सिंचाई का प्रबंध न होने से फसल सूख रही थी।
किसान नरेंद्र, अजीत और जयबीर का कहना है कि यदि इसी तरह बारिश होती रही तो खेतों में पानी की कमी पूरी हो जाएगी तो अलग से सिंचाई का प्रबंध नहीं करना पड़ेगा। कृषि विभाग के मुताबिक जिले में करीब 80 हजार हेक्टेयर में धान की फसल लगाने का लक्ष्य है। खंड कृषि अधिकारी डॉ. कुलदीप का कहना है कि बारिश से सबसे ज्यादा फायदा धान की फसल को होगा।