रविवार देर शाम कलानौर महम मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक सी-19 पर तैनात गेटमैन मंजीत का अपहरण होने से रेलवे महकमे में सनसनी फैल गई। रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन कर सबूत जुटाते हुए मामले की जांच शुरू की। मोखरा निवासी मंजीत गेटमैन गेट न. सी-19 पर रात ड्यूटी पर तैनात था। देर शाम 8 बजकर 38 मिनट पर उसने दिल्ली से सिरसा जाने वाली ट्रेन को क्रॉस करवाकर रजिस्टर में आखिरी गाड़ी का समय दर्ज किया। करीब साढे़ दस बजे भिवानी जाने वाली एकता एक्सप्रेस को क्रॉस करवाने के लिए स्टेशन की ओर से फोन किया गया तो फोन रिसीव नहीं हुआ। स्टेशन मास्टर ने मंजीत के मोबाइल पर फोन किया तो भी जवाब नहीं मिला। किसी अनहोनी की आशंका के चलते स्टेशन मास्टर ने लाहली से एक कर्मचारी को सी-19 गेट पर भेजा।
कमरे में खून के छींटे
कर्मचारी धमेंद्र ने सूचना दी कि मंजीत वहां पर नहीं है। वहीं कमरे में रखे टेबल, रजिस्टर पर खून के छींटे और फोन का रिसीवर टूटा होने की सूचना मिलते ही स्टेशन मास्टर रेलवे पुलिस को इसकी जानकारी दी। रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस ने कमरे के बाहर से मंजीत के जूते और कुछ सबूत जुटाए। वहीं पुलिस ने आशंका जताई है कि मंजीत पर किसी धारदार हथियार से हमला करके हमलावरों ने अपहरण किया है।
आठ महीने पहले हुई थी शादी
मंजीत के साथी गेटमैन ने बताया कि मंजीत की किसी के साथ कोई दुश्मनी नहीं थी। वह सीधे स्वभाव का युवक था। करीब आठ महीने पूर्व ही मंजीत की शादी हुई थी। शादी के बाद से ही पत्नी के साथ मनमुटाव की बात बताकर वह थोड़ा परेशान रहता था।
गेटमैन मंजीत के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। इसके लिए जीआरपी लगी हुई है। मंजीत के मिलने के बाद पूरी स्थिति साफ हो जाएगी और सबसे पहले उसे तलाश करना है।
सुखबीर सिंह, एसओ, जीआरपी रोहतक