बिजली निगम में आरक्षण से प्रमोशन पाने वाले 1000 से अधिक अधिकारी व कर्मचारी अब रिवर्ट किए जाएंगे। इसके लिए बिजली निगम के प्रशासक की ओर से सोमवार को सभी एसई को पत्र जारी कर दिया गया है। पहले बिजली अधिकारियों व कर्मियों को निगम के अधीन बताकर उन पर आदेश लागू नहीं किया जा रहा था। लेकिन अब बिजली निगम वालों पर भी गाज गिरा दी गई है।
आरक्षण कोटे से प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को रिवर्ट करने के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 2014 में आदेश जारी किया था। उस पर अमल करते हुए सरकार ने पुलिस, शिक्षा समेत कई विभागों में अधिकारियों व कर्मचारियों को रिवर्ट कर दिया था। लेकिन बिजली निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों को अभी तक यह कहते हुए रिवर्ट नहीं किया जा रहा था कि वे निगम के अधीन आते हैं।
अब बिजली निगम के प्रशासक की ओर से सभी जिलों के एसई को पत्र जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि आरक्षण के सहारे प्रमोशन पाने वालों को रिवर्ट किया जाए। इस तरह प्रदेश के लगभग 1000 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों को रिवर्ट किया जाएगा। इनमें ऐसे भी कर्मचारी हैं जो एएलएम (असिस्टेंट लाइन मैन) से मात्र तीन साल में जेई बन चुके हैं।
वहीं सामान्य श्रेणी में दस साल पुराने एएलएम अभी तक फॉरमैन भी नहीं बन सके। इस कारण ही आरक्षण से प्रमोशन पाने वालों को बड़ा झटका लगने वाला है, क्योंकि उनको सामान्य श्रेणी वालों के अनुसार ही पद दिया जाएगा। इससे उनको दो पद तक रिवर्ट होना पड़ सकता है। प्रशासक के पत्र के बाद सभी एसई को तुरंत आदेश जारी करके उसे लागू भी करना होगा।