हेल्थ विश्वविद्यालय के हास्टल में रैगिंग करने के मामले में एमबीबीएस के चार सीनियर छात्रों पर गाज गिर गई है। जांच कमेटी ने चारों को हास्टल से बाहर का रास्ता दिखाते हुए कक्षाओं से निलंबित कर दिया है। सीनियर डॉक्टरों की टीम मामले की गहन जांच करेगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) के कुलपति प्रो. ओपी कालरा ने रैगिंग मामले पर संज्ञान लेते हुए शुक्रवार सुबह संस्थान के अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की। एंटी रैगिंग कमेटी की जांच रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों की ओर से रैगिंग करने वाले चारों छात्रों के कैंपस परिसर में प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
जांच पूरी होने तक चारों छात्र कैंपस में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। जांच कमेटी में संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. विवेक मलिक और डॉ. आरबी जैन ने उक्त कार्रवाई की है। अब आंतरिक जांच के लिए डॉ. वीना गहलोत के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम पूरे मामले को खंगालेगी। यदि इसमें भी चारों पर आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो इन छात्रों का भविष्य दांव पर लग सकता है।
रैगिंग के बाद परिसर में सख्ती के निर्देश
रैगिंग की घटना के बाद हेल्थ विवि प्रशासन ने सख्ती के निर्देश दे दिए हैं। अब जूनियर छात्र-छात्राओं के हास्टल पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। एंटी रैगिंग टीम के अधिकारियों व सदस्यों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे कैंपस का समय-समय पर दौरा करें। यदि ऐसी हरकत कहीं होती मिली तो छात्रों के साथ संबंधित अधिकारी पर भी कार्रवाई होना तय है।
यह था मामला
एमबीबीएस बैच 2014 के छात्रों ने बुधवार रात को पहले जन्मदिन पार्टी की, इसके बाद ब्वॉयज हास्टल में जाकर 11 जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग की। जब मामले की भनक एंटी रैगिंग टीम को लगी तो उन्होंने सख्ती से जांच शुरू की। शुक्रवार को चार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
बोले मुख्य चीफ वार्डन
रैगिंग का मामला सामने आने पर सभी हास्टल वार्डन को प्रशासन की ओर से हिदायत दी गई है कि वे अपने यहां खास नजर रखें। इसके अलावा सुरक्षा कर्मचारियों को भी हिदायत दी गई है कि वे किसी भी असामाजिक कार्रवाई की सूचना तत्काल एंटी रैगिंग टीम को भेजें। जो छात्र रैगिंग करता पाया जाएगा उस पर सख्त कार्रवाई होनी तय है।
- डॉ. एसके धत्तरवाल, चीफ वार्डन, हेल्थ विवि रोहतक