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बिजली कर्मियों ने एसई को घेरा, गाड़ी में ही बनाया बंधक

Fri, 17 Jul 2015 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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साथी कर्मचारी के ट्रांसफर को लेकर बृहस्पतिवार को बिजली कर्मचारी भड़क गए।
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गुस्साए बिजली कर्मचारियाें ने एसई को पावर हाउस के गेट पर घेर लिया और बंधक बनाने का प्रयास किया।

हंगामा बढ़ा तो डीएसपी ने पुलिस बल की मदद से एसई को सुरक्षित बाहर निकाला।

गौरतलब है कि कई दिनों से अधिकारियों के खिलाफ बिजली कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं।

बृहस्पतिवार शाम को एसई वी. एस. मान ने कर्मचारी नेताआें को बातचीत के लिए बुलाया था।

कर्मचारियाें ने आरोप लगाया कि एसई उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। गुस्साए कर्मचारियों ने पावर हाउस से बाहर निकलते एसई की गाड़ी को घेर लिया और मुर्दाबाद के नारे लगाए। उग्र प्रदर्शन के कारण अधिकारी को आधे घंटे तक अपनी गाड़ी में ही बंद रहना पड़ा। डीएसपी पुष्पा खत्री ने एसई को गाड़ी से निकाला और दफ्तर ले गईं। कर्मचारी नेताआें से बात करने के बाद डीएसपी ने कर्मचारियाें को दोबारा बातचीत करवाने का आश्वासन दिया। इस पर कर्मियों ने एसई को बाहर तो जाने दिना, लेकिन पावर हाउस से निकलने तक उनके पास आकर नारेबाजी करते रहे। कर्मचारी नेता देवेंद्र हुड्डा ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं सुनी तो एसई को फिर से ऐसे ही हालातों का सामना करना पड़ेगा। उन्हाेंने डीएसपी को मारे गए बिजली कर्मियाें की तस्वीरें भी मोबाइल में दिखाई।
सुबह भी किया था प्रदर्शन
आल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन ने भालौठ सब यूनिट कार्यालय में सुबह भी एसई  और एसडीओ के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसमें सर्कल सचिव कर्मबीर, प्रभु दयाल, नरेश गौड़, रामचंद्र, नवीन कृष्ण और सतीश शामिल रहे।
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ये हैं मांगें
1. कर्मचारियाें को बिजली के खंभों पर काम करने के लिए रबड़ के सभी उपकरण मुहैया करवाएं।
2. कच्चे कर्मचारियाें को समय पर तनख्वाह सहित अन्य सुविधाएं भी दी जाएं।
3. कर्मचारियाें को दी जाने वाली सुविधाएं समय पर दी जाएं।
4. कर्मचारियाें को निलंबन एवं ट्रांसफर के नाम पर प्रताड़ित न किया जाए।
एसई का वर्जन
लाइनमैन सतीश ने खोखराकोट एरिया में जाकर एक कनेक्शन को अवैध रूप से वेरीफाई कर दिया। खोखराकोट में कनेक्शन देने पर हाईकोर्ट ने प्रतिबंध लगा रखा है। एसडीओ की रिपोर्ट पर उसको चार्जशीट कर उनका ट्रांसफर कर दिया। कर्मचारियों ने उक्त लाइनमैन के ट्रांसफर वापिस लेने की मांग रखी, जो गैरकानूनी है। मैं ऐसा कभी नहीं करूंगा। कर्मचारियाें की बाकी मांगाें को माना गया है, लेकिन तबादला रुकवाने को लेकर बखेड़ा किया गया।
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