एमडीयू में एडमिशन की समस्याओं को लेकर बृहस्पतिवार को हंगामा हो गया।
इनसो कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक भवन में घुसकर नारेबाजी की। अधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
मामला बढ़ता देख एमडीयू प्रशासन ने कुछ विभागों में लगने वाली मेरिट को तत्काल प्रभाव से रोक दिया और छात्रों को एडमिशन फार्म में हुई गलती सुधारने के लिए 23 जुलाई तक का मौका दे दिया।
बता दें कि विवि की ओर से इंटरनेट पर पहले डाले गए एडमिशन फार्म में वेटेज का कॉलम नहीं दिया गया था। जबकि दूसरे फार्म में वेटेज का कॉलम दे दिया गया। इस पर छात्र पिछले कई दिनों से हंगामा कर रहे थे। अब वेटेज भरने से चूके छात्र भी योग्यता के अनुसार वेटेज भर सकेंगे।
इससे पहले, इनसो प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ता एकजुट हो प्रशासनिक भवन पहुंचे। वीसी कार्यालय के मुख्य गेट को बंद कर दिया और वहीं पर बैठ गए। अधिकारियों की तरफ से कोई जवाब नहीं मिलता देख कार्यकर्ता उग्र हो गए और नारेबाजी करते हुए रजिस्ट्रार डॉ. एसपी वत्स के कार्यालय में घुस गए। रजिस्ट्रार मीटिंग हॉल में बैठक में शामिल थे। इसका पता चलते ही कार्यकर्ता मीटिंग हॉल में ही घुस गए और समाधान की मांग की। आक्रोश देख मीटिंग को बीच में ही खत्म करना पड़ी और आश्वासन दिया कि 20 मिनट में हल निकाला जाएगा। इस पर कार्यकर्ता बाहर आकर बैठ गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने आनन-फानन में फैसला लिया और योगा व बीपीएड समेत कई अन्य विभागों में लगने वाली मेरिट को रोकने के निर्देश जारी कर दिए। कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि एडमिशन फार्म में हुई गलती के कारण जो छात्र दाखिले से वंचित रह गए हैं, वे 23 जुलाई तक दोबारा फार्म भरकर दे सकते हैं। आश्वासन के बाद ही कार्यकर्ता शांत हुए। प्रदर्शनकारियों में अरविंद गोस्वामी, नीरज, दिनेश सहरावत, अक्षय, अभिषेक देशवाल, सौरभ कौशिक और विशाल शामिल रहे।
सीएम को बुला लो, कर देंगे समाधान
हंगामे के दौरान मीटिंग में शामिल एक अधिकारी ने कार्यकर्ताओं को गुस्से में कहा कि सीएम को बुला लो, कर देंगे समाधान। इतना सुनते ही कार्यकताओं का पारा चढ़ गया और अधिकारियों के साथ कहासुनी शुरू हो गई। कुछ समय के लिए मामला इतना बढ़ा कि आनन-फानन में पुलिस को भी बुलाना पड़ गया।
ये रही मांगें
कार्यकर्ताओं की मांग थी कि सभी पुराने छात्रों को अगले कोर्स में दाखिले के लिए नियमों के अनुसार 5 अंक की ग्रेस दी जाए। जिन छात्रों के फार्मो में खामियां है, उनको ठीक करने का मौका दिया जाए। एससी, बीसी, एसबीसी, ईबीसी आदि श्रेणियों के छात्रों को सर्टिफिकेट दिखाने पर उस श्रेणी में मान लिया जाए। ग्रामीण इलाके के छात्रों को पांच अंक दिए जाए और सभी विभागों में जहां दाखिलों हो चुके, वहां पर छात्रों को न्याय देने के लिए सीटें बढ़ाई जाएं, जिससे ग्रेस और अन्य सुविधाओं से वंचित छात्रों को दाखिला मिल सके। जिन विभागों में दाखिले नहीं हुए है उनकी काउंसिलिंग की तिथि बढ़ाकर एक सप्ताह का समय दिया जाए।
ये होगा काउंसिलिंग का शेड्यूल
इनसो के हंगामे के बाद देर शाम एमडीयू की तरफ से प्रेस नोट जारी किया गया। एमडीयू ने 20 जुलाई को निर्धारित एमए, एमएससी, एमकॉम, एमपीएड पीजी डिप्लोमा एवं अन्य पाठ्यक्रमों की पहली प्रवेश काउंसिलिंग स्थगित कर दी। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विभागों में अब मेरिट लिस्ट 25 जुलाई को लगाई जाएगी। रजिस्ट्रार डॉ. एसपी वत्स ने बताया कि प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले छात्र अपने वर्ग, क्वालीफाइंग परीक्षा परिणाम, वेटेज समेत सभी जरूरी जानकारी 23 जुलाई तक दोबारा से फार्म भरकर ठीक करा सकते हैं। फार्म एमडीयू की वेबसाइट पर डाल दिया गया है। प्रवेश की पहली काउंसिलिंग 27 जुलाई को होगी। पहली काउंसिलिंग के बाद खाली रहने वाली सीटों की सूची संबंधित विभाग में 28 जुलाई को लगाई जाएगी। दूसरी प्रवेश काउंसिलिंग 29 जुलाई और सीटें खाली रहने पर तीसरी काउंसिलिंग 30 जुलाई को होगी।