संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को घरों के ऊपर से गुजर रही 85 हाईटेंशन (एचटी) लाइनों को हटाने के लिए 4.30 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है। इन तारों के कारण कई गंभीर हादसे हो चुके हैं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
परियोजना के पहले चरण में 9 लाइनें पहले ही हटाई जा चुकी हैं, जबकि 2 पर काम जारी है। अब इस दूसरे फेज के नए प्रस्ताव को मंजूरी का इंतजार है, जिसके बाद बिजली निगम इन लाइनों को हटाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा।
घरों के ऊपर से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनें लंबे समय से चिंता का कारण रही हैं, खासकर घनी आबादी वाले इलाकों में। इन खुले तारों के कारण अतीत में कई हादसे हुए हैं। बच्चों के खेलते समय या घरों में काम करते हुए करंट लगने का डर बना रहता है, जिससे अभिभावक लगातार इन तारों को हटाने की मांग कर रहे थे। जिसके बाद पिछले सालों बिजली निगम की ओर से प्रोजेक्ट शुरु किया गया।
पहले इसका सर्वे शुरु किया गया था, जिसमें जिलेभर में कुल 96 लाइनें चिन्हित की गई थी, जिनमें से पहले फेज में निगम ने कुल 9 तारों को घरों से हटा दिया है और 2 पर लगातार काम चल रहा है। वहीं, अब बची हुई 85 को दूसरे चरण में हटाया जाएगा, जिससे शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
अधिकारियों के मुताबिक, प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही तुरंत निगम की ओर से टेंडर प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी। इस पहल से रेवाड़ी की एक बड़ी आबादी को बिजली के खतरों से स्थाई मुक्ति मिलेगी। यह कदम न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि शहरी सौंदर्यकरण में भी सुधार लाएगा।
इन लाइनों से सबसे ज्यादा बच्चों का डर रहता था, क्योंकि बच्चे खेलते खेलते इन तारों की तरफ जा सकते थे, इसलिए अधिकतर घरों में इनकी ओर रास्ता बंद करके रखते थे लेकिन कई बार बड़े ही काम करते समय इनके शिकार हुए हैं। कई बार एचटी लाइन हटाने की मांग की जा चुकी है।