रोहतक व सोनीपत डिपो के जीएम के साथ बैठक किए बिना आरटीए द्वारा 188 बसों की समय सारणी जारी करने से दोनों जिले में टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। रविवार को निजी बस संचालक अपने साथ करीब 40 लोगों को लेकर स्टैंड पहुंचे। बस में सवारी बैठने से सोनीपत व रोहतक स्टैंड इंचार्ज ने रोका तो विवाद हो गया। वहीं, रोडवेज कर्मी और निजी बस संचालक आमने-सामने हो गए। कुछ लोगों के हस्तक्षेप से विवाद टला। शाम को फिर विवाद हुआ तो पुलिस ने पहुंचकर शांत कराया।
सोनीपत की सर्वाधिक सवारियां होने की वजह से रोडवेज के अलावा प्राइवेट बसें भी चलती हैं। रोजाना स्टैंड से सोनीपत के लिए 180 बसें रवाना होती हैं। नियमानुसार निजी बसों के चलने का समय आरटीए तय करता है। लेकिन रोडवेज अफसरों से मशविरा के बाद, ताकि रोडवेज की बसों का संचालन प्रभावित न हो। विगत दिनों आरटीए ने रोहतक व सोनीपत डिपो के जीएम को बिना बुलाए बसों का टाइमटेबल जारी कर दिया। नई बसों का संचालन रोकने के लिए सोनीपत व रोहतक स्टैंड इंचार्ज सोनीपत बूथ पर पहुंच गए। आरटीए से निर्धारित समय पूर्वाह्न 11 बजे निजी बस बूथ पर खड़ी हुई तो दोनों इंचार्ज ने हटाने के लिए कहा। रोडवेज कर्मियों ने आरटीए से जारी नई समय सारिणी मानने से इनकार कर दिया। इस पर विवाद हो गया और रोडवेज कर्मी व निजी बस संचालक आमने-सामने हो गए। विवाद की सूचना पर कर्मचारी नेता भी आ गए। मामला बढ़ता देख कुछ लोगों ने हस्तक्षेप करके विवाद शांत कराया। शाम को फिर निजी बस संचालक समर्थकों के साथ बस स्टैंड पहुंचे और फिर विवाद हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत करते हुए सोमवार को समस्या का निदान कराने का भरोसा दिया।
‘हम क्यों मिले अफसरों से, समय आरटीए ने दिया है’
निजी बस संचालकों ने आरोप लगाया कि रोडवेज कर्मी बिना अधिकारियों से मिले बस नहीं चलने की कह रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि वे रोडवेज के जीएम व अन्य अफसरों से क्यों मिलेंगे। नियमानुसार ही आरटीए ने परमिट जारी करके उनको समय दिया है।
विवाद की आशंका पर ले गए थे 40-50 लोगों को
निजी बस संचालकों ने कहा कि स्टैंड पर विवाद होने की आशंका के चलते वे अपने साथ 40-50 लोगों को ले गए थे, ताकि विवाद होने की स्थिति में वह सुरक्षित रहें। बस स्टैंड पर रोडवेज कर्मी विवाद के दौरान कुछ भी कर सकते थे।
स्टैंड पर बसों का सुचारु संचालन हमारी जिम्मेदारी है। रोडवेज की बसों का संचालन प्रभावित न होने का भी ध्यान रखना होता है। रोडवेज अधिकारियों संग बैठक करके ही टाइमटेबल जारी होता आ रहा है ताकि विवाद की स्थिति न हो। इस बार न मुझे बुलाया और न सोनीपत डिपो के जीएम को। इसकी वजह से विवाद की स्थिति हुई है। अब जल्द ही बैठक करके समस्या का निदान कराया जाएगा।
- राहुल मित्तल, रोहतक डिपो महाप्रबंधक