25जेएनडी32-डीडीपीओ आरके चांदना को ज्ञापन देते अध्यापक। विज्ञप्ति
जींद। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने स्कूलों को मर्ज किए जाने के विरोध में अध्यापकों ने प्रदर्शन कर लघु सचिवालय में डीडीपीओ आरके चांदना को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान राजेश खर्ब ने कहा कि बेटी पढ़ाओ की बात करने वाले बेटियों के स्कूल मर्जिंग के नाम पर बंद कर रहें हैं। मणिपुर में आपने देखा बेटी बचाओ के नारे को चुनौती दी गई। कहीं कोई आदमी पर पेशाब कर रहा है। देश के सर्वोत्तम पदों पर बैठे लोग कह रहें हैं कि देश सुरक्षित हाथों में है। फि र वो खुद और उनकी जात-धर्म खतरे में क्यों है। जिला प्रधान रूपेंद्र गोयत ने कहा कि गंाव एवं समाज की आत्म निर्भरता के एक मात्र रास्ते गांव के सार्वजनिक स्कूलों को किसी हालात में बंद नहीं होने देंगे। मानव जीवन प्रकृति की श्रेष्ठ संरचना है और मानव में भी उसको श्रेष्ठ माना जाता है जो अपने पूर्वजों से प्राप्त सुविधाओं को अपनी आने वाली पीढ़ी को सवाया करके लौट आता है। वर्तमान में सरकारों की कार्यशैली का आंकलन भी इसी आधार पर कर सकते हैं कि किस सरकार ने विद्यालय, अस्पताल, आईआईटी, एम्स, इंडस्ट्री, रेल, हिंदुस्तान पैट्रोलियम, एलआईसी, परिवहन, एयरपोर्ट, पोर्ट जैसी सुविधाएं देकर विपरीत परिस्थितियों में देश को आगे बढ़ाया। बैंकों का राष्ट्रीयकरण कियाद्ध आपको संपत्ति का अधिकार दिया, पढऩे का अधिकार दिया, भोजन का अधिकार दिया, शासन प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए आरटीआई का अधिकार दिया। प्रेस की स्वतंत्रता दी और देश को निरंतर आगे बढ़ाने वाले कौन हैं और बुजुर्गों की संपत्ति बेचकर खाने वाले कौन हैं। शमशेर बिरोली ने कहा कि हम सब गांव के उन स्कूलों की बदौलत यहां तक पहुंचे हैं जिन्हें हमारे बुजुर्गों ने किसी ने जमीन दान दी थी। उन्होंने श्रमदान और किसी ने अनुदान देकर बनाया था। इन्हीं में पढक़र आज हम बड़े-बड़े पदों पर बड़े-बड़े शहरों में ही नहीं विदेशों तक में अपने गांव देहात और देश का डंका बजा रहे हैं। इस अवसर पर अश्वनी नैन, मनोज सहरावत, अजब गोयत, पूनम राठी, जितेंद्र बेनिवाल, राजेश रेढू, राजेश टांक भी मौजूद रहे।