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बंसीलाल सरकार में पकड़ी शराब की 23 साल बाद भी पुलिस कर रही पहरेदारी

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एक तरफ जहां प्रदेश की सियासी राजधानी रोहतक में एक हजार लोगों की सुरक्षा के पीछे औसतन एक जवान तैनात है, दूसरी तरफ पुलिस के आठ जवान बंसीलाल सरकार के कार्यकाल में 390 केस में पकड़ी व इंदिरा कॉलोनी पुलिस चौकी के सामने रेडक्रास भवन में रखी शराब की रखवाली कर रहे थे, जिनकी संख्या अब तीन रह गई है। विधानसभा चुनाव में मामला पकड़ में आने के बाद डीएसपी मुख्यालय ने 45 दिन में पूरे मामले की जांच की। पता चला कि पकड़ी गई शराब के केसों का निपटारा 1998 में ही हो गया था। अब सवाल उठता है कि केस खत्म होने के बावजूद दो दशक से ज्यादा समय तक इतने पुलिस के जवान कागजों में ही रखवाली कर रहे थे या हकीकत में। पुलिस प्रशासन की अर्जी पर डीसी आरएस वर्मा ने एसडीएम राकेश कुमार को रेडक्रॉस भवन के कमरे में रखी शराब को नष्ट करने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। जबकि डीएसपी मुख्यालय गोरखपाल राणा पुलिस की तरफ मौजूद रहेंगे। शराब को सोमवार को नष्ट किया जाएगा।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार अक्तूबर 2019 में विधानसभा चुनाव के दौरान पुलिसकर्मी की कमी महसूस हुई। एसपी ने सभी पुलिस कर्मियों का ब्योरा मांगा। कौन कहां तैनात है। तब पता चला कि इंदिरा कॉलोनी पुलिस चौकी के सामने रेडक्रॉस भवन है। जहां पर रेडक्रॉस भवन में पूर्व सीएम बंसीलाल के समय में पकड़ी गई शराब रखी जाती थी। वहां पर आठ पुलिसकर्मी शराब की सुरक्षा के लिए तैनात हैं। एसपी ने चुनाव के बाद डीएसपी मुख्यालय गोरखपाल राणा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। टीम ने मामले की जांच पड़ताल की। साथ ही आठ की जगह मात्र तीन पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई। डीएसपी ने 45 दिन तक मामले की जांच पड़ताल की। जांच में पता चला है कि पुलिस ने 390 केसों में पकड़ी शराब के मामलों का निस्तारण 1998 में कर दिया था। यह वह शराब थी जो बंसीलाल सरकार में शराब बंदी के दौरान पकड़ी गई थी। पूरे जिले के थानों से जो शराब पकड़ी जाती थी उसे रेडक्रॉस भवन के एक हाल में रखा जाता था। उसकी रखवाली के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब वहां पर शराब कम और कबाड़ ज्यादा है।
शराब नष्ट करने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात
डीएसपी हेड क्वार्टर ने उपायुक्त को पत्र लिख कर उसे नष्ट करने के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात करने की मांग की। जिस पर उपायुक्त आरएस वर्मा की ओर से एसडीएमराकेश कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किया है। सोमवार की सुबह इसे नष्ट किया जाएगा।
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जिस थाने में पकड़ी गई शराब, उनके क्षेत्र में अब तक बन चुके हैं कई थाने
प्रदेश सरकार की ओर से जिस थाना क्षेत्र में यह शराब पकड़ी गई है। उस थाना क्षेत्र में अब दो से तीन थाने बन गए हैं। गठित कमेटी को पुराने मुकदमे को तलाशने में परेशानी आई। पुलिस कर्मियों को लगातार अपने मुकदमे में शराब नष्ट करने के लिए अदालत का चक्कर लगाना पड़ा।
22 साल से नहीं गया पुलिस अधिकारी का इस तरफ ध्यान
जिस शराब को 22 साल पहले नष्ट हो जाना चाहिए था। उसे देखने वाला कोई नहीं । कागजों में पुलिस कर्मी की तैनाती रही धरातल पर कौन आ रहा है कौन जा रहा है इसका कोई ब्यौरा नहीं मिला। पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने मौके का दौरा किया तो तीन पुलिस कर्मी ड्यूटी पर मिले। जिनकी वहां पर तैनाती थी। अब शराब नष्ट होने से न केवल पुलिसकर्मियों को दूसरी जगह तैनात किया जाएगा, बल्कि रेडक्रास का एक हाल भी खाली हो जाएगा।
पुलिस किराया भी रही रेडक्रास को
शराब की पुलिसकर्मी न केवल रखवाली कर रहे थे, बल्कि विभाग की तरफ से रेडक्रास को हाल का किराया भी दिया जा रहा था। 22 साल से विभाग न केवल खत्म केसों की शराब की रखवाली करने वाले पुलिसकर्मियों को वेतन देता रहा, बल्कि किराया भी दिया गया।
प्रदेश में शराब बंदी के दौरान दर्ज मुकदमों का निपटारा 1998 में हो गया था। किस कारण नष्ट नहीं किया गया उन्हें नहीं पता। उनके डीएसपी की ओर से 45 दिन की जांच के बाद सोमवार को नष्ट किया जा रहा है।
- राहुल शर्मा, पुलिस अधीक्षक
पुलिस प्रशासन की तरफ से शराब को नष्ट करने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्ति किए जाने की मांग की गई थी। एसडीएम रोहतक को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया है। शराब नष्ट होने से रेडक्रास का हाल भी खाली हो जाएगा।
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- आरएस वर्मा, डीसी
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