सांपला। कस्बे की अनाज मंडी में आने वाली फसल का सही आकलन नहीं हो रहा है। यहां खरीद की रिकॉर्डिंग के लिए लगाए गए सीसीटीवी काम नहीं कर रहे हैं। इस कारण गेट पास के लिए कर्मचारियों को अपने मोबाइल फोन से वाहनों के फोटो खींचने पड़ रहे हैं।
सांपला अनाज मंडी में 2200 किसानों का डेढ़ लाख क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है। साफ मौसम नहीं होने की वजह से अधिक नमी का हवाला देकर एजेंसियां कम खरीद कर रही हैं। इस वजह से आढ़ती और किसान दोनों मायूस हैं।
सरकार के आदेशों के मुताबिक मंडी में गेहूं लेकर आने वाले किसानों को सबसे पहले सीसीटीवी की निगरानी से गुजरना अनिवार्य है। इसके बाद खरीद पोर्टल के माध्यम से गेट पास जारी किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में कर्मचारी मोबाइल फोन से वाहनों के साथ किसानों के फोटो खींच रहे हैं। सरकार के आदेश हैं कि हर रिकॉर्ड सीसीटीवी में कैद हों।
विवाद से निपटने के लिए पुलिस तैनात
कई किसान ऐसे वाहनों के साथ मंडी पहुंच रहे हैं जिन पर पंजीकरण संख्या अंकित नहीं है। ऐसे मामले में कर्मचारी और किसानों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। ऐसे में मामला ज्यादा न बढ़ें, इसलिए पुलिस तैनात की गई है। सरकार ने एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू कर दी है। शुरुआत में मंडी में फसल बिक्री के लिए बायोमेट्रिक अनिवार्यता के कारण अधिकारियों को किसानों का विरोध सहना पड़ा। अब इसका समाधान निकाला जा रहा है। कई किसान आढ़ती को अधिकृत कर रहे हैं। ई-खरीद पोर्टल पर किसान स्वयं के अलावा तीन अन्य लोगों को अधिकृत कर सकता है। ऐसे में कई आढ़ती की बायोमीट्रिक हाजिरी दर्ज कराई जा रही है ताकि सरकारी खरीद के समय बोली के लिए किसानों को दोबारा मंडी में न आना पड़े।
वर्जन
मंडी में गेहूं की खरीद वेयर हाउस और हैफेड एजेंसी कर रही है। दो दिन हैफेड और चार दिन वेयर हाउस एजेंसी खरीद करेगी। अब तक करीब 40 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। बुधवार को बारदाना पहुंच गया है। मंडी में गेहूं कि आवक तेज हो गई है। पहले मौसम खराब होने से खरीद धीमी चल रही थी।
-अशोक बंसल, मंडी प्रधान, सांपला