रोहतक। जिले में कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ रिकवरी रेट में भी इजाफा हो रहा है। पीजीआईएमएस लगातार संक्रमण का हॉट स्पॉट बना है। एक दिन में सात डॉक्टर, नर्स संक्रमित मिले हैं। वहीं रिकवरी रेट भी 83.22 प्रतिशत पहुंच गया है। कुल 5431 में से 4520 मरीज कोरोना से ठीक हो चुके हैं। इसके अलावा कोरोना उपचार के दौरान मृतकों की संख्या भी 58 हो चुकी है।
शुक्रवार को जारी हेल्थ बुलेटिन में स्वास्थ्य विभाग ने 79 कोरोना के मरीजों की पुष्टि की है। जिले में 853 कोरोना के एक्टिव मरीज हैं। इसमें से 45 पीजीआईएमएस में उपचाराधीन हैं तो 808 होम आइसोलेशन पर हैं। हालांकि विभाग को देर सायं तक 609 सैंपलों की रिपोर्ट का इंतजार था। विभाग की मानें तो जिले में 4.7 प्रतिशत के हिसाब से कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। नये संक्रमितों में स्वास्थ्य के अलावा विद्यार्थी-शिक्षक, कर्मचारी, गृहिणी अधिक संक्रमित मिल रहे हैं।
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ये मिले कोरोना संक्रमित
हेल्थ : स्टाफ नर्स श्रीनगर कॉलोनी, पीजी हॉस्टल के पांच डॉक्टर, माडल टाउन का डॉक्टर, पटेल नगर एमआर, पीजीआई का डॉक्टर सेक्टर 14, पीजीआई हॉस्टल की छात्र।
विद्यार्थी-शिक्षक : श्रीराम कॉलोनी, ओल्ड एमडीयू कैंपस, भराण, सांपला में दो, नियर टेक्सी स्टेंड सांपला, रेलवे कॉलोनी में दो, प्रेम नगर में इंटर्न सीएमओ, सुंदरपुर।
कर्मचारी : सेक्टर एक, गरनावठी का छायाकार, अमृत कॉलोनी, कमला नगर, पुलिस लाइन स्टाफ, सेक्टर तीन हाउसिंग बोर्ड, बिजली बोर्ड कर्मी श्रीराम कॉलोनी, गुरुनानक पुरा, सेक्टर एक की मेड, सूर्या नगर, रेलवे कॉलोनी, अजायब, इस्माइला, बीएसएफ खरकड़ा, हरि नगर, मॉडल टाउन, सेक्टर एक, प्रीत विहार, जगदीश कॉलोनी
गृहिणी : रेलवे रोड, मोखरा, श्रीराम कॉलोनी, सेक्टर 14, रेलवे कॉलोनी, विकास नगर, किला रोड, रेलवे रोड, जगदीश कॉलोनी, भराण में दो, सांपला, सुनारवाली गली, चाणक्यपुरी सांपला, शास्त्री नगर, न्यू चिन्योट कॉलोनी, आर्य नगर, प्रताप चौक
दुकानदार : चिन्योट कॉलोनी, पुराना बसस्टैंड टैंट हाउस संचालक, सेक्टर दो, विकास नगर, गढी सांपला, समचाना, बुजुर्ग : रेलवे रोड, जनता कॉलोनी, करौंथा, वार्ड दस,
बच्चा : भराण में दो बच्चे,
बिजनेसमैन : प्रताप चौक,
बैंक : गांधी नगर, एचडीएफसी सेक्टर तीन,
कैदी : सुनारिया जेल
अधिवक्ता : सेक्टर चार
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जांच सैंपलों की संख्या घटने से गिरा आंकड़ा
विभागीय सूत्रों के अनुसार कोरोना तेजी से फैल रहा है। 174 से एक दम 70 संक्रमितों का मिल रहा आंकड़ा यह साबित नहीं कर रहा कि जिले में संक्रमण कम हो रहा है। इसकी मुख्य वजह जांच सैंपलों की संख्या कम होना है। हाल ही में विभाग की ओर से फरमान सुनाया गया कि कोरोना सैंपल जांच के लिए 1600, 650 रुपये फीस देनी होगी। स्थिति स्पष्ट न होने के चलते कुछ मरीज जांच के लिए नहीं आ रहे तो कुछ को डॉक्टर बगैर फीस जांच के लिए मना कर रहे हैं। इसका असर यह हो रहा है कि लगातार जांच सैंपलों की संख्या कम हो रही है।
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जांच सैंपल के लिए किससे फीस लेनी है और किससे नहीं लेनी, इसपर हमारे एसएमओ को संशय था। वह दूर कर दिया गया है, अब जांच होगी। इसमें मेडिकल रिजन वालों से फीस नहीं ली जाएगी। जांच सैंपलों की संख्या को बढ़ाया जाएगा।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन।