रोहतक। पीजीआईएमएस के आपातकालीन विभाग में ब्लड गैस एनालाइजर (बीजीए) टेस्ट फिर कार्ट्रिज (एक खास केमिकल एम्बेडेेड डिवाइस) की कमी के कारण बंद हो गए हैं। यह टेस्ट खून में ऑक्सीजन व कार्बनडाइऑक्साइड की मात्रा जांचने के लिए किया जाता है।
आपातकालीन विभाग में पिछले तीन महीने में तीन बार मशीनों को कार्ट्रिज की कमी के कारण बार-बार बंद रखना पड़ा है। विभाग में हर दिन 700 से अधिक बीजीए टेस्ट किए जाते हैं।
पिछले महीने ही मशीनों के लिए करीब 50 कार्ट्रिज आए थे। इनमें से 25 आपातकालीन विभाग को मिले। विभाग के पास टेस्ट के लिए दो मशीनें हैं। हर दिन दोनों मशीनों से टेस्ट करने में डेढ़ कार्ट्रिज खर्च हो जाता है।
विभाग में मशीनों के बंद होने के कारण मरीजाें को टेस्ट के लिए ट्राॅमा सेंटर व अन्य स्थानों पर भेजा जा रहा है। वहां भी आपातकालीन विभाग से आने वाले मरीजों के सैंपल का बीजीए टेस्ट करने से इन्कार किया जा रहा है।
वहां तीमारदारों को कहा जा रहा है अगर वहां के मरीजों के टेस्ट करने लगे तो यहां वाले मरीजों के लिए कार्ट्रिज कम पड़ जाएगा। ऐसे में आखिर में मरीजों को मजबूरन बाहर से बीजीए टेस्ट कराना पड़ रहा है। इससे समय के साथ तीमारदारों को अलग-अलग विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
क्यों जरूरी है बीजीए टेस्ट
यह टेस्ट खून में ऑक्सीजन व कार्बनडाइऑक्साइड की मात्रा जांचने के साथ किडनी टेस्ट, फेफड़ों की समस्या, अस्थमा, डायबिटीज या अन्य गंभीर स्थितियों का पता लगाने में भी सहायक है। इसके अतिरिक्त गर्दन व सिर के ट्रॉमा के लिए भी बीजीए टेस्ट किया जाता है।
इमरजेंसी में बीजीए टेस्ट वाली खिड़की पर टेस्ट के लिए गए। वहां से ट्रॉमा सेंटर टेस्ट के लिए गए। बताया गया कि आपातकालीन विभाग से भेजा है तो टेस्ट करने से इन्कार कर दिया। दोबारा वहीं जाने के लिए कहा। अब वहां दोबारा जाउंगा। यहां ये वहां चक्कर लगवा रहे हैंं।
-आनंद, तीमारदार, पानीपत
कभी इधर तो कभी उधर चक्कर लगवा रहे हैं। इमरजेंसी में मशीन बंद है। वहां से ट्राॅमा सेंटर की आईसीयू में गए। वहां भी टेस्ट से मना कर दिया। इलाज की कोई व्यवस्था ही नहीं है।
-रोहित, तीमारदार, झज्जर
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वर्जन
परचेज सेक्शन को डिमांड भेजी जा चुकी है। आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। जल्द टेस्ट शुरू हो जाएंगे।
-डॉ. वरुण अरोड़ा, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस