उत्तर प्रदेश के भाजपा नेता दयाशंकर सिंह के बसपा अध्यक्ष मायावती पर टिप्पणी के बाद जिस तरह से चरित्र हनन की जंग छिड़ी है, उसे बीजेपी के गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ सही नहीं मानते हैं। वह कहते हैं कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप जरूर चलते हैं, लेकिन किसी पर व्यक्तिगत आरोप और चरित्र हनन नहीं होना चाहिए। कश्मीर के हालात पर उन्होंने कहा कि कश्मीर में सेना विपरीत परिस्थितियों में काम कर रही है। इसलिए लोगों को सेना का समर्थन करना चाहिए। बुरहान के एनकाउंटर पर कहा कि वह आतंकवादी था। इस तरह के आतंकियों का समर्थन करने वाले देश के हितैषी नहीं हो सकते।
रोहतक में एक कार्यक्रम में शामिल होने आये सांसद योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दयाशंकर सिंह ने मायावती पर गलत टिप्पणी की तो उसे पार्टी ने बाहर निकालकर सजा दी। दयाशंकर ने अपनी गलती पर माफी मांगी, लेकिन उसके बाद बसपा के नेताओं ने जिस तरह से उसके परिवार का चरित्र हनन किया है, वह सही नहीं है। इसके बावजूद वह लोग माफी भी मांगने को तैयार नहीं हैं। सांसद ने उत्तर प्रदेश सरकार पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। कहा कि दयाशंकर को किसी ने नहीं छिपाया है, लेकिन जिस तरह से उस पर मुकदमा दर्ज हुआ है, उसी तरह से बसपा के नेताओं पर मुकदमे दर्ज हैं।
सभी पर कानून लागू होता है और पुलिस को केवल दयाशंकर पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। अगर उस पर कार्रवाई होती है तो बसपा नेताओं की गिरफ्तारी होनी चाहिए। एक पक्षीय कार्रवाई से आक्रोश भड़क सकता है। इसके लिए पूरी तरह से वहां की सरकार जिम्मेदार होगी।
कुत्ते भौंकते रहते हैं, उनसे कुछ नहीं होता
भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ को पिछले दिनों उत्तर प्रदेश में एक रैली में आतंकवादी कहने वाले नेता का नाम लिए बिना योगी ने पलटवार किया गया है। आदित्यनाथ ने कहा कि कुत्तों को ट्रेनिंग दी जाती है तो उनको सबसे पहले भौंकना सिखाया जाता है। वह ऐसे ही कुत्ते हैं जो भौंकना जानते हैं और कुछ नहीं कर सकते। इसलिए ऐसे कुत्तों के भौंकने से कुछ नहीं होता है।