रोहतक पीजीआई के अनुबंधित कर्मचारियों की ओर से मेडिकल मोड़ स्थित ताऊ देवीलाल पार्क में आयोजित
रोहतक। पीजीआई के मेडिकल मोड़ पर आउटसोर्स कर्मचारियों की ओर से 2 जून से चल रहा धरना अब व्यापक समर्थन का रूप ले चुका है। सोमवार को कर्मचारियों के समर्थन में सर्वखाप पंचायत आयोजित की गई, इसमें विभिन्न खापों, जनसंगठनों, महिला संगठनों और कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
धरने पर बैठे कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें एचकेआरएन के तहत समायोजित किया जाए। यह इस मुद्दे पर दूसरी सर्वखाप पंचायत थी, इससे पहले 4 जुलाई को भी इसी मांग को लेकर पंचायत हुई थी।
चढूनी ग्रुप की प्रदेशाध्यक्ष सुमन हुड्डा ने कहा कि कर्मचारी 50 दिन से संघर्ष कर रहे हैं लेकिन सरकार केवल आश्वासन दे रही है। उन्होंने कहा, जब सरकार ने एचकेआरएन जैसी योजना बनाई है तो कर्मचारियों को उसमें शामिल करने में देरी क्यों?
जनवादी महिला समिति की प्रदेश उपाध्यक्ष जगमति सांगवान ने अस्पताल का दौरा करने के बाद बताया कि मरीज परेशान हैं और कर्मचारी अपनी बिलकुल जायज मांग को लेकर संघर्षरत हैं। उन्होंने कहा कि सभी संगठन एकजुट होकर कर्मचारियों की आवाज बुलंद कर रहे हैं।
अनुबंधित कर्मचारी संगठन के सदस्य अभिषेक ने बताया कि पिछली पंचायत के बाद वीसी ने 15 दिन का समय मांगा था, जो अब पूरा हो चुका है। वीसी की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने पीजीआई निदेशक एसके सिंहल को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि सरकार और प्रशासन इस लंबे चले आ रहे आंदोलन को लेकर क्या ठोस कदम उठाते हैं क्योंकि कर्मचारियों का कहना है कि अब आरपार की लड़ाई के लिए वे तैयार हैं।