जगबीर सिंह ने बताया कि रोहतक के छोटूराम स्टेडियम अखाड़े की 76 किलोग्राम भार वर्ग में पहलवान रीतिका पेरिस में अपना दमखम दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस 22 वर्षीय हैवी वेट पहलवान के लिए भी ओलंपिक महामुकाबले में यह पहला अवसर है।
पेरिस ओलंपिक में देश को पहला स्वर्ण पदक मिलने उम्मीद अभी शेष है। पहली बार हैवी वेट वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व कर रही रीतिका हुड्डा ने अपना पहला मुकाबला जीत लिया है। रितिक ने हंगरी की खिलाड़ी को एक तरफ 12–2 के अंतर से हराया है। घर में खुशी का माहौल है और रितिका की जीत पर सभी ने ताली बजाकर जश्न मनाया है।
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लोगों को कहना है कि हमें यकीन है कि रितिका गोल्ड मेडल जीत कर लेकर आएगी। रितिका हुड्डा की मां नीलम ने कहा कि बेटी ने पहला मुकाबला जैसा खेला है आगे के मुकाबले भी ऐसे ही खेलेगी। पिता जगबीर ने कहा कि बेटे ने शानदार खेल दिखाया है। आगे भी ऐसे ही मुकाबला दिखाएंगी।
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देश की ओर से ओलंपिक में गए दल में यह कुश्ती खिलाड़ी का सबसे मजबूत व अहम मुकाबला रहेगा। देश को इस खिलाड़ी से पदक की बड़ी उम्मीदें हैं। खिलाड़ी ने भी पदक के लिए जी-जान से तैयारी की है। अब इस तैयारी के परिणाम का समय आ गया है।
अस्थ्ल बोहर निवासी जगबीर सिंह ने बताया कि रोहतक के छोटूराम स्टेडियम अखाड़े की 76 किलोग्राम भार वर्ग में पहलवान रीतिका पेरिस में अपना दमखम दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस 22 वर्षीय हैवी वेट पहलवान के लिए भी ओलंपिक महामुकाबले में यह पहला अवसर है। पहला मुकाबला जीतने के बाद शाम चार बजे रीतिका क्वार्टर फाइनल खेलेगी। यहां जीत के बाद रात करीब 9:30 बजे सेमी फाइनल होगा। रविवार को पेरिस ओलंपिक का समापन समारोह है। उम्मीद है रीतिका इस समारोह में भारत के लिए अपना फाइनल मुकाबला खेल कर देश की झोली में स्वर्ण पदक डाले।