पीजीआई में रिवाइज्ड बेसिक कोर्स के शुभारंभ पर मौजूद शिक्षक। विज्ञप्ति
रोहतक । पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में वीरवार से तीन दिवसीय रिवाइज बेसिक कोर्स कार्यशाला इन मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी का शुभारंभ किया गया। एनएमसी के रीजनल सेंटर में शुरू हुए तीन दिवसीय कोर्स में संस्थान के करीब दो दर्जन से अधिक चिकित्सक हिस्सा ले रहे हैं और कुछ प्रतिभागी राजस्थान से भी जुड़े हैं। गौरतलब है कि मेडिकल एजुकेशन यूनिट की तरफ से यह 11वां रिवाइज्ड बेसिक कोर्स है।
जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ. उमेश यादव ने बताया कि डॉ. सुजाता सेठी के दिशा निर्देशन में तीन दिन के अंदर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी, जिससे संस्थान के चिकित्सकों का ज्ञान वर्धन होगा। कार्यशाला में सबसे पहले डॉ. सुजाता सिंह ने अपने व्याख्यान में बताया कि एक ग्रुप के माध्यम से टीचिंग व लर्निंग करने के क्या फायदे होते हैं। वयस्कों को सिखाने के सिद्धांत पर कैसे काम करना चाहिए।
डॉ. उमेश यादव ने बताया कि लक्ष्यों, भूमिकाओं और दक्षताओं को कैसे परिभाषित करें और एक दूसरे के बीच संबंध की व्याख्या करें। डॉ. आशिमा सचदेवा ने बताया कि आईएमजी का लक्ष्य, भूमिकाएं और दक्षताएं क्या हैं। एनएमसी की तरफ से विकसित लक्ष्यों, भूमिकाओं और वैश्विक दक्षताओं के प्रति संवेदनशील बने। डॉ. विवेक मलिक व डॉ. सारिका ने कहा कि लर्निंग डोमेन को वर्गीकृत और परिभाषित करें। ज्ञान प्रगति के पदानुक्रम की एक बुनियादी समझ प्रदर्शित करें।
डॉ. राकेश मित्तल ने लेखन के उद्देश्य पर व्याख्यान में विकासशील उद्देश्यों से दक्षताओं का निर्माण, सीखने और मूल्यांकन को दक्षताओं से जोड़ने के बारे में बताया। उन्होंने विभिन्न दक्षताओं से उद्देश्यों का विकास करने पर प्रकाश डाला।