गांधी कैंप के घर में आग लगने से झुलसा हरीश चावला पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती। अमर उजाला
गांधी कैंप के बाहर से बंद एक मकान में सोमवार दोपहर को आग लग गई। मकान में फंसे मालिक को ताला तोड़कर बाहर निकाला। धुआं व झुलसने से बाहर आते ही वह अचेत होकर गिर पड़ा। उसे पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया है। आग से डाइनिंग रूम का सारा सामान जल गया है। दमकल विभाग ने करीब 40 मिनट में आग पर काबू पाया।
गांधी कैंप निवासी सुरेंद्र चावला ने बताया कि उनके भाई हरीश चावला का पब्लिक पार्क के पास ढाबा है। ढाबे पर बेटा भी काम करता है। हरीश रोजाना दोपहर में घर पर आराम करने आते हैं। सोमवार को भी आराम करने आए और सो गए। उनकी पत्नी मंजू और बेटी जरूरी काम से बाजार चली गईं। चोरी की आशंका के चलते बाहर दरवाजे का सेंट्रल लॉक लगा दिया। मकान के मुख्य गेट से घुसते ही डाइनिंग रूम है, जिसमें करीब ढाई बजे शार्ट सर्किट से आग लग गई। अंदर के कमरे में हरीश सोए हुए थे। जब घर से तेजी से धुआं निकलने लगा तो आसपास के लोगों पहुंच गए। लोगों के शोर मचाने पर हरीश जागा तो खुद को आग में फंसा पाया। उन्होंने बचाने के लिए शोर मचाया। इस दौरान आवाज सुनकर भतीजा दीपक मौके पर पहुंच गया। उसने दमकल विभाग को सूचना देकर दरवाजा खोलने का प्रयास शुरू कर दिया। जब सफलता नहीं मिली तो लोहे घन से दरवाजा खोला। दरवाजा खुलते ही हरीश बदहवाश हालत में बाहर आया, मगर अचेत होकर गिर पड़ा। परिजन उसे लेकर पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां भर्ती कर लिया गया। कुछ देर में दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। करीब 40 मिनट में दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। हरीश व परिजनों के पीजीआई में होने की वजह से नुकसान का अनुमान नहीं लगा है। वहीं, भतीजे दीपक ने बताया कि हरीश का चेहरा और हाथ झुलस गए हैं। सांस लेने में दिक्कत हो रही है।