एआईपीएमटी पेपर लीक का दाग अभी पूरी तरह से धुला नहीं कि अब एसएससी की आंसर की लीक करने के आरोपी धरे गए।
मदीना के नवीन और किशनगढ़ के दिलबाग सिंह ने एक-एक लाख रुपये में आंसर की का सौदा किया था।
आरोपियों ने इसे दिल्ली, हिसार सहित अन्य प्रदेशों में रहने वाले 16 अभ्यर्थियों को आंसर की भेजी। आंसर की संबंधित अभ्यर्थी के पास पहुंचने के एक-दो दिन बाद रुपये मिलने थे।
आरोपी दिलबाग ने बताया कि उनके पास बड़ाली गांव के बिजेन्द्र नामक युवक ने आंसर की भेजी थी। बिजेन्द्र ने पेपर होने से कुछ समय पहले ही दोनों के व्हाट्सअप पर आंसर की भेजी थी। पेपर शुरू होते ही उन्होंने इस आंसर की को अपने-अपने क्लाइंट को भेजा।
पुलिस की मानें तो आरोपियों का नेटवर्क काफी लंबा है। रिमांड अवधि में आरोपियों से उनके साथियों और आंसर की भेजे जाने वाले परीक्षा केन्द्रों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
पुलिस ने मदीना निवासी नवीन से एआईपीएमटी पेपर लीक प्रकरण के सरगना रूपसिंह दांगी के बारे में पूछताछ की तो उसने कहा कि वह दांगी को जानता तक नहीं। पूछताछ में पता चला है कि नवीन कुछ समय पहले महम में एक कोचिंग सेंटर चलाता था। जबकि दिलबाग गांव में ही रहता है।
तीन परीक्षाओं के पेपर लीक का दाग
हरियाणा पर पिछले छह माह में तीन परीक्षाओं के पेपर लीक का दाग लग चुका है। गत तीन मई को एआईपीएमटी का पेपर लीक हुआ। पेपर लीक के चार मुख्य आरोपी रोहतक से पकड़े गए। इसके बाद 4 अक्तूबर को केवीएस की शिक्षक भर्ती परीक्षा का पर्चा लीक हुआ। गिरोह रेवाड़ी में पकड़ा गया। केवीएस ने परीक्षाएं रद्द की। इसके बाद एक नवंबर को एसएससी का पर्चा लीक हुआ। आरोपी रोहतक से पकड़े गए।
ट्रेस पर लगाए संबंधित मोबाइल नंबर
पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल नंबर को ट्रेस पर लगा दिया है। ताकि दोनों से परीक्षा वाले दिन संपर्क में रहने वाले लोगोें के बारे में जानकारी मिल सके। इतना ही नहीं पुलिस ने आरोपियों के द्वारा जिन मोबाइल नंबर पर आंसर की भेजी गई है उन्हें भी साइबर सेल में भेजा है। पुलिस उन परीक्षार्थियों को भी जांच में शामिल करेगी।
वर्जन-
एसएससी को मामले की सूचना दी गई है। उनकी तरफ से आंसर की का मिलान किया जाएगा। आंसर की एसएससी को भेजी जाएगी।
शशांक आनंद, एसपी, रोहतक