रोहतक। प्रदेश सरकार की हिदायत पर शुक्रवार को भी लघु सचिवालय में समाधान शिविर लगाया गया। इस दौरान 142 शिकायतें आईं। इनमें सबसे ज्यादा 82 एडीसी कार्यालय और 22 नगर निगम से जुड़ी हैं। गढ़ी बोहर के ग्रामीणों ने उपायुक्त से उबड़-खाबड़ रास्तों को ठीक करने व जसबीर कॉलोनी के लोगों ने ध्वनि प्रदूषण दूर करने के लिए रिहायशी इलाके से फैक्टरी हटाने की मांग रखी। डीसी ने तय समय सीमा में शिकायतों को दूर करने की हिदायत दी।
उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि लघु सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित समाधान शिविर में अधिकारियों ने सुबह नौ से 11 बजे तक शिकायतें सुनी। इसमें अधिकतर शिकायतें अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय की 82 रही, नगर निगम कार्यालय की 22 शिकायतें रही। पुलिस विभाग की 7, जन स्वास्थ्य विभाग की 4, बिजली निगम की व एचएसवीपी की 3-3, डीडीपीओ, जिला शिक्षा अधिकारी व जिला राजस्व विभाग से संबंधित 2-2, नगराधीश, बीडीपीओ, सीईओ जिला परिषद, सीएमओ, एएलसी, डीएम हैफेड, चुनाव तहसीलदार, जीएम रोडवेज, एचकेआरएन इम्पलॉयमेंट, एचपीसीबी, एसडीएम महम व सांपला तथा तहसीलदार कलानौर से संबंधित एक-एक शिकायत आई है।
वहीं, गढ़ी बोहर गांव निवासी अनिल, सतबीर, ओमपति सहित अन्य नागरिकों ने अपने क्षेत्र में टूटे उबड़-खाबड़ रास्ते व सीवर लाइन समस्या के साथ-साथ दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या रखी। समस्या सुनने के उपरांत डीसी ने जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता को तय अवधि में इस समस्या को दूर कर रिपोर्ट मांगी। जबकि जसबीर कॉलोनी के निवासियों ने उपायुक्त के समक्ष रिहायशी इलाके में ध्वनि व अन्य प्रदूषण फैलाने वाली अवैध फैक्ट्रियों को बंद की मांग रखी। डीसी ने प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को तीन के अंदर मौके का दौरा कर समस्या दूर करने के बाद रिपोर्ट मांगी। साथ ही डीसी ने अधिकारियों से कहा कि जिन गांवों में चकबंदी हो चुकी है। वहां अब भी अवैध कब्जा है तो उसे तुरंत हटवाएं।
इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त वैशाली सिंह, जिला परिषद के सीईओ महेश कुमार, एसडीएम आशीष कुमार, निगम की संयुक्त आयुक्त अंकिता वर्मा, सीटीएम अंकित कुमार, डीडीपीओ राजपाल चहल, डीआरओ कनब लाकड़ा व डीआईओ डॉ. जितेंद्र मलिक भी मौजूद रहे।