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विदेश से कामकाज छोड़ किसान आंदोलन का समर्थन करने आए एनआरआई

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NRIs who left work from abroad came to support the peasant movement - फोटो : RohtakCity
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कृषि कानूनों के विरोध में छिड़े देश के सबसे बड़े किसान आंदोलन में एनआरआई भी कूद पड़े हैं। विदेश में अपना कामकाज छोड़ कर एनआरआई दिल्ली सीमा पर आ डटे हैं। कुछ गांव-गांव जाकर प्रचार में जुटे हैं। ऐसा ही एक नाम है ज्ञानी गुरमीत सिंह गौरव यूके। आंदोलन में सहभागी बनने के लिए इंग्लैंड से विशेष तौर पर मकड़ौली टोल पर अनशकारियों के बीच पहुंचे सिक्खी प्रचारक ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में खुद के किसानों से जुड़ने की बात साझा की।
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कीर्ति किसान परिवार एवं भगत धन्ना जाट सेवा समिति के कन्वीनर ज्ञानी गुरमीत सिंह गौरव ने बताया कि एक सप्ताह पहले इंग्लैंड से भारत आया था। यहां किसान आंदोलन के बारे जाना तो अपना वापस जाना रद्द कर दिया। इसके बाद से किसान आंदोलन में सहभागी बनते हुए लोगों को प्रेरित करने का काम रहे हैं। प्रचारक हूं। प्रचार का काम कर रहा हूं। गुरु साहब भी कहते हैं कि जिस पर जुल्म या ज्यादती हो उसके पक्ष में खड़ा होना चाहिए। किसान अपने खेत में मेहनत करता है। इसी से सभी का पेट भरता है। खेत में पैदा हुए अनाज से बनी रोटी खाकर हम जिंदा हैं। देश को संपन्नता व गौरव भी किसान ने ही दिया है। ऐसे में उनके आंदोलन में न जुड़े या उसे सफल न बनाएं, यह नहीं हो सकता। मकड़ौली टोल पर किसानों से बातचीत कर उनकी हौसला आफजाई की। यहां साझा किसान मोर्चा के बैनर तले चल रहे किसान आंदोलन में शामिल किसानों को प्रोत्साहित करते हुए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। अनशनकारियों को भी धैर्य रखने की सलाह दी। इसके बाद वे टीकरी बार्डर की ओर निकल गए। उन्होंने कहा कि टीकरी बॉर्डर पर किसान बड़ी संख्या में मौजूद हैं। यहां उनके आंदोलन के साथ व्यवस्था को भी संभालना जरूरी है। इसमें जितने लोग जुटे बेहतर है।
विधायक कुंडू ने तुड़वाया अंकित का अनशन
मकड़ौली टोल पर बुधवार को महम विधायक बलराज कुंडू पहुंचे। यहां अनशनकारी अंकित का अनशन तुड़वाया। विधायक ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि किसान देश के पालनहार हैं। इनके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। सरकार देश के अन्नदाताओं की अनदेखी कर रही है। यह गलत है। उन्हें चुनाव में इसका परिणाम भुगतना होगा।
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राजू का अनशन आठवें दिन भी रहा जारी
मकड़ौली टोल पर राजू मकड़ौली आठवें दिन भी अनशन पर रहा। बुधवार को उसके अलावा अनशन स्थल पर पांच और किसान एक दिन के अनशन पर बैठे। इसमें देवराज नांदल, हरीचंद, देवी सिंह, रामा, राजबीर शामिल है। अनशनकारी व ग्रामीणों के मनोरंजन के लिए कलाकारों ने अपनी रागिनी से समां बांधे रखा।
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