राजनीति में आरक्षण की मांग को लेकर ही पिछड़ा वर्ग सामाजिक मोर्चा एक मंच
के नीचे एकत्रित हुआ है। पिछड़ा वर्ग को राजनीति में हिस्सेदारी नहीं
मिलने की वजह से उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। यह बात अखिल
भारतीय पिछड़ा वर्ग सामाजिक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशन सैन ने
कही। वह बृहस्पतिवार को पुराना आईटीआई ग्राउंड में हुए कार्यक्रम में बोल
रहे थे।
इस दौरान पिछड़ा वर्ग के सदस्यों ने विश्वकर्मा दिवस पर एक-दूसरे
को गुलाल लगाकर कौमी एकता दिवस की शुरुआत की। साथ ही, अगले पांच वर्ष तक
कौमी एकता दिवस मनाने का आह्वान किया। सैन ने कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में
पिछड़ा वर्ग की जगह बनाना ही उनका लक्ष्य है।
इसके लिए देशभर के विभिन्न
राज्यों में कार्यक्रम भी किए जा रहे है। इस मौके पर यूपी के पूर्व सांसद
कमल किशोर ने कहा कि राजनीति में पिछड़ा वर्ग की भूमिका नहीं होने से ही
उनके काम अटके हुए है। जब कभी वे मंत्रियों के सामने पिछड़ा वर्ग के लोगों
की मांगों को लेकर जाते है, तो उन्हें ये कहकर मना कर दिया जाता है कि
हिस्सेदारी नहीं है। मंच संचालन मोर्चा के अध्यक्ष तेजबीर सैन ने किया। इस
अवसर पर आसपास के जिलों से भी काफी संख्या में लोग पहुंचे।