रोहतक। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना के नियमों में कामगार महिलाओं के दृष्टिगत बदलाव किया गया है। संशोधन के अनुसार अब दूसरा बच्चा लड़का होने पर भी योजना के तहत 5 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। यह राशि गर्भावस्था के दौरान हुए कामगार महिलाओं की मजदूरी के नुकसान की भरपाई और स्तनपान कराने वाली महिलाओं में पोषण सुनिश्चित करने के लिए प्रदान की जाती है।
उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना के तहत पहले दूसरा बच्चा लड़की होने पर ही सहायता राशि दी जाती थी। लेकिन सरकार द्वारा अब कामगार महिलाओं को मद्देनजर रखते हुए नियमों में बदलाव किया गया है। लाभार्थी को दो किस्तों के माध्यम से राशि मिलेगी, जिसमें राशि की एक किस्त तो प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर तीन हजार रुपये और दूसरी किस्त में दो हजार रुपये बच्चे के टीकाकरण पूर्ण होने पर मिलेगें। आवेदनकर्ता आंगनबाड़ी वर्कर, आशा वर्कर के माध्यम से जानकारी प्राप्त करके आवेदन कर सकती है।