प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान यहां स्थित पीजीआई में अब खिलाड़ियों के डोपिंग टेस्ट भी हो सकेंगे।
यहां स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर खुलने के साथ ही स्पोर्ट्स मेडिसन कोर्स और आधुनिक लैब बनाई जाएगी।
इससे प्रदेश से बेहतर खिलाड़ी चयनित किए जाने के साथ उन्हें सटीक उपचार भी दिया जा सकेगा। संस्थान के डॉक्टरों को स्पोर्ट्स इंजरी वाले केसों का एक्सपर्ट भी बनाया जा सकेगा।
हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. एन. के. मग्गू ने बताया कि इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए यूजीसी के सेक्रेटरी जसपाल संधू से चर्चा की जा रही है।
वे स्पोर्ट्स मेडिसन पटियाला में सेवाएं दे चुके हैं। यह 1960 में ही अपग्रेड हो गया था। इस प्रोजेक्ट पर छह अगस्त को अहम बैठक होनी है।
इसके लिए शुरुआती ढांचा और सीट हमारे पास हैं। 14 फरवरी को सीएम मनोहर लाल खट्टर योजना को हरी झंडी दिखा चुके हैं।
ये होगा फायदा
स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर में एक्सपर्ट खिलाड़ियों की जांच करेंगे। आधुनिक लैब में खिलाड़ियों के दौड़ने की क्षमता, उसकी बनावट, मांसपेशियों की शक्ति को परखा जाएगा। जांच के दौरान यह पता लगाया जा सकेगा कि कौनसा खिलाड़ी किस खेल में बेहतर परिणाम दे सकेगा। खिलाड़ियों का डोपिंग टेस्ट करने की भी हमारे पास व्यवस्था होगी। हमारे जिले में तीन बडे़ स्टेडियम हैं, जिनका पूरा प्रयोग हो सकेगा।
यहां से आएगा स्टाफ
शुरुआती दो सालों के लिए स्टाफ हड्डी रोग विभाग से ही एडजेस्ट किया जा सकता है। धीरे-धीरे नई भर्तियां भी हाेंगी। इसके लिए पूरा प्रोजेक्ट व बजट सरकार के पास भेजा जा चुका है। एमडीयू के एक्सपर्ट से भी बातचीत करेंगे।