रोहतक। जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन को बड़ी सफलता मिलती दिख रही है। जल्द ही जिले के नौ गांवों को नशा मुक्त घोषित किया जाएगा। इसके लिए औपचारिक प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जिले में अभी तक कोई भी गांव नशा मुक्त घोषित नहीं किया गया है।
इन गांवों में पिछले दो वर्षों से नशे से जुड़ा कोई मामला सामने नहीं आया है। औपचारिक घोषणा के बाद इन गांवों में नशा मुक्त गांव के रूप में पहचान चिन्हित करने के लिए स्मारक या बोर्ड लगाए जाएंगे।
स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) हरीश चंद्र ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 5,000 से अधिक लोग नशे की गंभीर चपेट में हैं। इनमें अधिकतर स्मैक, चिट्टा और इंजेक्शन ड्रग्स का सेवन करने वाले हैं।
उन्होंने बताया कि जिन गांवों को नशा मुक्त घोषित करने की तैयारी है उनकी नारकोटिक्स विभाग से जांच भी कराई गई है। गाइडलाइन के अनुसार जिस गांव में दो साल के भीतर नशे का कोई मामला दर्ज नहीं होता तो उसे नशा मुक्त गांव घोषित किया जा सकता है।
प्रशासन ने 31 मई 2025 को नशे के खिलाफ अभियान शुरू किया था। इसके तहत गांवों में डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और नशीले पौधों को उगते ही नष्ट किया जा रहा है।
अभियान में सरपंच, पंचायत सचिव सहित अन्य विभागीय अधिकारियों का सहयोग लिया जा रहा है। अब तक 263 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। जबकि 73 लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में उपचार के लिए भेजा गया है। आमजन टोल फ्री नंबर 1933 पर नशा बेचने या सेवन से जुड़ी सूचना दे सकते हैं। इसमें सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
ये हैं जिला नशा मुक्ति टीम
जिले की नशा मुक्ति टीम में मुख्य अधिकारी एसआई अमर सिंह, नोडल ऑफिसर एएसआई मोहन सिंह पहलवान, एसपीओ हरीश चंद्र, आलोक कुमार, अशोक कुमार, जोगिंदर व सुरेंद्र कुमार शामिल हैं।
नशा मुक्त घोषित किए जाने वाले गांव:
गांव ब्लॉक
ककराना कलानौर
बहु जमालपुर रोहतक
जेठपुर कलानौर
खरैड़ी कलानौर
सिंहपुरा खुर्द रोहतक
खेड़ी महम महम
कटवाड़ा रोहतक
घिलौड कलां रोहतक
भैंसरु खुर्द सांपला
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क्या बाले सरपंच
पंचायत की तरफ नशे को लेकर कराए कार्यक्रमों में प्रशासन का सहयोग देते हैं। गांव के 50 युवा मेडल लेकर आए हैं अन्य युवाओं को भी नशे से दूर व खेल में जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
- पुनित कुमार, सरपंच, भैंसरु खुर्द
गांव में घूमकर ग्राम सभा में युवाओं को बुलाकर नशे के प्रति जागरूक किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम किया जाता है। उनका सहयोग भी किया जाता है।
- राकेश कुमार, सरपंच, ककराना
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गांव के खेल परिसर में 50 खिलाड़ी खेलने आते हैं। वहां पहुंचकर उनको नशे से दूर रहने व खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है। कार्यक्रम कराकर भी जागरूक किया जाता है।
- मीना देवी, सिंहपुरा खुर्द, सरपंच