कृष्ण ने बताया कि उन्होंने सोचा कि सरकारी काम तो 4 बजे तक होता है इसलिए 4 बजे तक नामांकन दाखिल करने की सोचकर 3 बजकर 4 मिनट पर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों को बताया कि वे नामांकन दाखिल कराने आए हैं।
जो समय की कद्र नहीं करता, समय उसे छोड़ कर आगे बढ़ जाता है। इस बात को विधानसभा चुनाव के नामांकन के आखिरी दिन समय पर न पहुंचने वाले अच्छी तरह से समझ सकते हैं। निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर रोहतक शहर से नामांकन दाखिल करने पहुंचे सेक्टर 2 निवासी धर्मपाल चार मिनट के अंतर से चुनाव लड़ने से चूक गए।
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खरावड़ गांव निवासी धर्मपाल ने बताया कि मैं सेक्टर 2 में रहता हूं और खेतीबाड़ी करता हूं। मेरी राजनीति में गहरी रुचि भी है। निर्दलीय चुनाव लड़ना चाहता था। सुबह 11 बजे अपने साथियों के साथ घर से निकला। पहले तो कार देरी से आई, इसलिए दिल्ली बाईपास पर खड़े रहे। फिर तहसील में कागजात तैयार करवाए, साथ ही नोटरी से मुहर लगवाई।
साथ आए कृष्ण ने बताया कि उन्होंने सोचा कि सरकारी काम तो 4 बजे तक होता है इसलिए 4 बजे तक नामांकन दाखिल करने की सोचकर 3 बजकर 4 मिनट पर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों को बताया कि वे नामांकन दाखिल कराने आए हैं। पुलिसकर्मियों ने यह कहकर मना कर दिया कि अब देर हो चुकी है। 3 बजे तक ही नामांकन दाखिल हो सकता था। इस प्रकार वह नामांकन नहीं कर पाए।