जेएलएन नहर में बोट के दवारा नितिन को तलाशते एनडीआरएफ के जवान। संवाद
रोहतक। गांव बोहर के पास जेएलएन नहर में संदिग्ध परिस्थितियों में बहे मस्तनाथ विश्वविद्यालय के बीएएमएस छात्र नितिन का तीसरे दिन भी नहर के पानी में कोई सुराग नहीं लगा। नितिन को तलाशने में एनडीआरएफ की टीम ने भी कोशिश की। प्रशासन के गोताखोरों ने भी डुबकियां लगाईं। परिजन भी दिन भर नहर में एक छोर से दूसरे छोर तक पैदल पानी को देखते हुए घूमते रहे। देर शाम निराश परिजनों ने डीसी आवास के बाहर नहर का पानी कम कराने की मांग को लेकर धरना दिया। तहसीलदार गुलाब सिंह मौके पर पहुंचे। जिन्होंने परिजनों को बताया कि मुख्यालय से नहर के पानी को रोकने की स्वीकृति मिल गई है। शनिवार को नहर का पानी रोक दिया जाएगा।
नितिन के परिजनों ने उसके साथ वाले यूपी के बदायूं व बहराइच निवासी साथी छात्रों पर शक जाहिर किया है। परिजनों ने बताया कि जब उन्होंने उक्त दोनों छात्रों से बातचीत की तो उनके बयानों में उन्हें बहुत बनावटी कहानी नजर आ रही थी। परिजनों ने शक जाहिर किया है कि या तो उक्त दोनों ने नितिन को नहर में डुबो दिया है या दोनों ने उसे कहीं छिपा दिया है। मगर मामले के तीसरे दिन भी परिजनों ने लिखित शिकायत नहीं दी है।
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नहर में मिला अज्ञात शव, नितिन के परिजनों की थमीं सांसें
शुक्रवार सुबह नहर में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। जिसकी सूचना परिजनों को मिली। सूचना मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे। शव को नहर से बाहर निकालने तक की प्रक्रिया के दौरान परिजनों की सांसें थमीं रहीं। शव को बाहर निकाला तो वह शव 10 दिन से भी ज्यादा पुराना था। शव पूरी तरह गल चुका था। शव की अभी शनाख्त नहीं हुई है।
दिल्ली रोड जेएलएन नहर में बह कर आए शव को जेसीबी से निकालते कर्मचारी। संवाद
जेएलएन नहर में नितिन को तलाशते परिजन। संवाद