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कोरोना को लेकर निगम कार्यालय में टूट रहे नियम, अधिकारी सड़क पर करवा रहे मुनादी

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बस अड्डे पर बिना मास्क के बैठी सवारियां। - फोटो : RohtakCity
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रोहतक। कोरोना संक्रमण की देश के कई राज्यों में तीसरी लहर का असर दिखाई देने लगा है। इसके चलते शहर में भी हलचल है। नगर निगम की ओर से शहर में लाउडस्पीकर से मुनादी करवाकर आम लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक किया जा रहा है, लेकिन खुद निगम कार्यालय में नियमों की अनदेखी हो रही है। हालांकि निगम ने पब्लिक डीलिंग रोकने के लिए मुख्य गेट बंद कर रखा है, लेकिन पिछले गेट से कितने लोग बिना मास्क जा रहे हैं, यह देखने वाला कोई नहीं है। यही नहीं बस स्टैंड हो या फिर बाजार की भीड़ भरी सड़कें कहीं सामाजिक दूरी नजर नहीं आ रही है। मास्क लगाए भी कम लोग दिख रहे हैं। लघु सचिवालय में भी यही हाल है।
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पिछले सप्ताह निगम के सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर ने कार्यभार संभाला था। उस दिन सैकड़ों समर्थक निगम कार्यालय के अंदर घुस आए। सीनियर व डिप्टी मेयर के कार्यालयों में जगह नहीं थी। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, मेयर मनमोहन गोयल व दूसरे पदाधिकारियों तक के आने की जगह नहीं थी। शुक्रवार को नगर निगम कार्यालय मेें कोरोना को लेकर माहौल देखा तो लोग काफी बेफिक्र नजर आए। निगम आयुक्त की हिदायत पर नागरिक सुविधा केंद्र की ओर कोरोना से बचाव के लिए हर काउंटर पर पॉलिथीन के कवर लगाए गए थे। साथ ही सोशल डिस्टेसिंग के लिए रस्सी तक लगाई गई थी, लेकिन अब कोरोना के तीसरी आहट के बावजूद नगर निगम प्रशासन अलर्ट नहीं है। न तो निगम के सभी कर्मचारी मास्क लगा रहे हैं और न आम लोगों के लिए सैनेटाइजर की व्यवस्था की गई है। सैनेटाइजर का जो बाक्स लगाया गया है, वह खाली पड़ा है।
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आम लोगों को कर रहे कोरोना से सतर्क
कोरोना को लेकर निगम अलर्ट है। शहर में मुनादी करवाई जा रही है कि लोग अलर्ट रहें। मास्क बेहद जरूरी है। डीसी के दिशा निर्देश के बाद मास्क न लगाने वालों के चालान किए जाएंगे।
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सुरेंद्र गोयल, एलओ नगर निगम
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कोरोना को लेकर निगम अलर्ट है। पब्लिक डीलिंग पहले से बंद हैं। नागरिक सुविधा केंद्र में जो सुविधाएं कम हो गई हैं, उनको फिर से अपडेट किया जाएगा। फिलहाल में पारिवारिक कारणों के चलते छुट्टी पर हूं।
प्रदीप गोदारा, आयुक्त नगर निगम
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ई-दिशा, आधार कार्ड केंद्र, समाज कल्याण विभाग की विंडो पर सामाजिक दूरी नहीं
लघु सचिवालय मतलब पूरे जिले का कंट्रोल रूम। यहीं से कानून व्यवस्था की निगरानी होती है। शासन के दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाता है। कोरोना की गाइड लाइन भी जारी हो रही है। मगर अफसोस, दीया तले अंधेरा वाली कहावत भी लघु सचिवालय में चरितार्थ हो रही है। न तो दफ्तरों में सोशल डिस्टेंसिंग है और न ई-दिशा केंद्र, आधार केंद्र और समाज कल्याण विभाग की विंडो पर। अधिकांश लोग मास्क में नहीं दिखते और सोशल डिस्टेंसिंग खत्म है। कमोबेश यही हालात रोहतक बस स्टैंड पर नजर आते हैं। हालात देख कोरोना महामारी को लेकर सिहरन दौड़ने लगती है मगर अफसर गंभीर नहीं। लघु सचिवालय के अफसरों के आवागमन के गेट पर सैनेटाइजर व थर्मल स्कैनिंग होती है मगर दूसरे गेट पर कोई इंतजाम नहीं। लोगों की सुविधा के लिए बने ई-दिशा केंद्र में रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग आते हैं मगर अधिकांश बिना मास्क। काउंटरों पर लगने वाली लाइन में शून्य डिस्टेंसिंग होती है।
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कारोना को लेकर केंद्र व राज्य सरकार की ओर से जारी गाइड लाइन का पालन कराया जा रहा है। जहां पर अनियमितता पाई जाएंगी। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
-कैप्टन मनोज कुमार, उपायुक्त

रोहतक नए बस स्टेड पर बिना मास्क लगाऐ आते यात्री। संवाद

लघु सचिवालय में बने ई-दिशा केंद्र के काउंटरों पर जमा लोग।- फोटो : RohtakCity

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