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एनसीईआरटी की नकली किताबों से भरी गोदाम सील, धोखाधड़ी का केस दर्ज

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सीएम फलाइंग के छापे के बाद सील की गई दुकान। संवाद - फोटो : RohtakCity
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रोहतक। पुरानी अनाज मंडी स्थित दो मंजिला गोदाम को रविवार को लाखों रुपये कीमत की किताबों समेत सील कर दिया गया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने शनिवार को यहां से एनसीईआरटी की नकली किताबों का जखीरा पकड़ा था। वहीं शनिवार देर रात गुरुग्राम से आई एनसीईआरटी की टीम ने कार्रवाई करते हुए पुलिस में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के उप निरीक्षक कर्मवीर सिंह को किसी ने गुप्त सूचना दी थी। इस पर कार्रवाई करते हुए टीम पुरानी अनाज मंडी पहुंची। यहां निकुंज गुप्ता की दुकान नंबर 24 में बने गोदाम पर छापा मारा। जांच के दौरान टीम को एनसीईआरटी की बड़ी मात्रा में नकली किताबें मिली। ये दो मंजिला गोदाम में भरी हुई थी। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी बिजेंद्र हुड्डा को साथ लेकर किताबों की जांच कराई गई। इन किताबों का बिल मांगने पर कोई दस्तावेज मुहैया नहीं कराया गया। टीम को मौके पर किताबों के असली होने का प्रमाण या संतुष्ट जवाब नहीं मिला। इसके चलते पुस्तकों की पहचान कराने के लिए एनसीईआरटी के अधिकारियों से संपर्क किया गया।
एनसीईआरटी के तीन अधिकारी विपिन दीवान मुख्य व्यापार प्रबंधक, मदन सिंह यादव वीएसओ, अमिताभ कुमार व्यापार प्रबंधक शनिवार देर रात घटनास्थल पर पहुंचे। इन्होंने गोदाम में रखी पुस्तकों की जांच की तो इन पर लोगो (वाटर मार्क) नहीं मिला। कागज की गुणवत्ता व प्रिंटिंग भी निम्न स्तर की मिली। टीम ने इन सभी पुस्तकों को नकली करार देते हुए निकुंज गुप्ता व किताबें छापने वाले यूपी के मेरठ निवासी सचिन गुप्ता के खिलाफ भी कॉपीराइट एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए।
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अधिकारियों ने कहा कि यह सरकारी राजस्व को नुकसान करने के साथ विद्यार्थियों की शिक्षा से खिलवाड़ है। इससे एनसीईआरटी की छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। पुस्तकों की संख्या अधिक होने के कारण गिनती संभव नहीं है। इसलिए गोदाम को सीलकर बाद में इनकी गिनती कर अनुमानित मूल्य निकाला जाएगा।
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वर्जन:
एनसीईआरटी के अधिकारियों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
- राकेश कुमार, प्रभारी, शहर थाना।
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