रोहतक। नगर निगम के अधिकारियों को लापरवाही महंगी पड़ सकती है। लाल डोरा क्षेत्र की सीमा में निगम प्रशासन ने एक भी प्रॉपर्टी का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया। न ही उन 18 प्रॉपर्टी की तहसील में रजिस्ट्री करवाई जिनका मुख्यमंत्री की हिदायत के बाद स्वामित्व प्रमाण पत्र दिया था।
रविवार को छुट्टी के दिन मुख्यालय की तरफ से पत्र भेजकर 15 बिंदुओं पर निगम प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है, क्योंकि मुख्यमंत्री नायब सैनी 24 अक्तूबर को प्रदेश के सभी निगम आयुक्तों की बैठक में शहरी निकाय विभाग के कामकाज की समीक्षा करेंगे।
मुख्यालय की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी गुरुवार को सुबह 11 बजे सेक्टर तीन स्थित आवास पर निकाय विभाग के अधिकारियों की बैठक लेंगे। बैठक में निकाय विभाग के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। हर निगम आयुक्त को 15 बिंदुओं पर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले 56 दिन तक मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रदेश में आम लोगों से जुड़ीं योजनाओं को लेकर दौरे किए थे। 11 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने लाल डोरे को लेकर प्रदेश स्तर पर स्वामित्व प्रमाण पत्र योजना लागू की थी।
रोहतक में तत्कालीन राज्यसभा सांसद एवं फिलहाल कैबिनेट मंत्री कृष्णलाल पंवार ने रोहतक शहर के 18 लोगों को जिला विकास भवन में स्वामित्व प्रमाण पत्र दिया था। तय हुआ था कि तहसील में स्वामित्व पत्र के आधार पर रजिस्ट्री होगी। साथ ही निगम बाकी आवेदन लेकर अपने स्तर पर जांच के बाद प्रॉपर्टी स्वामित्व प्रमाण पत्र जारी करेगा, लेकिन नया कोई स्वामित्व प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। न ही उन 18 लोगों की तहसील में रजिस्ट्री हो सकी, जिनको स्वामित्व प्रमाण पत्र मिला था।
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इन बिंदुओं पर मांगा है मुख्यालय ने जवाब
- त्योहार के सीजन में स्वच्छता को लेकर क्या कदम उठाए।
- शहर में सफाई को लेकर क्या गतिविधियां की गई।
-डोर टू डोर कचरा उठाने की प्रक्रिया की स्थिति।
- संवेदनशील स्थानों पर कचरा पड़ा रहता है या नहीं।
- सड़कों की सफाई की क्या स्थिति है।
- टूटी सड़कों की मरम्मत व गंदे पानी की निकासी पर रिपोर्ट।
- दूषित पानी की निकासी की व्यवस्था की स्थिति।
-प्रॉपर्टी आईडी की कितनी शिकायत अधूरी, कितनी का किया गया समाधान।
- प्रॉपर्टी आईडी कितनी स्वयं प्रमाणित की गई।
- लालडोरा क्षेत्र में कितने संपति प्रमाण पत्र जारी किए गए।
- प्रॉपर्टी के बंटवारे के कितने मामले आए, कितनी प्रॉपर्टी का पंजीकरण किया गया।
- सभी 88 निकायों के सोशल मीडिया अकाउंट बनाए जाएं। अगर बने हैं तो उनको हर रोज अपडेट किया जाए।
- तय समय-सीमा में कितने कार्यों को पूरा किया गया। 100 दिन के कार्यों की रिपोर्ट।
- इंजीनियरिंग ब्रांच से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा।
- किस हलके में कितने विकास कार्य हुए।
- कितने विकास कार्यों का विधायक ने उद्घाटन या शिलान्यास किया या आगे किया जाना है।
- पीएम स्वनिधि योजना के तहत कितने लोगों को ऋण दिलवाया गया।
- कितनी कॉलोनी वैध हुई और कितनी होनी बाकी हैं।
- वैध हुई कॉलोनियों में कितने विकास कार्य हुए।
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ये है शहर में लाल डोरा क्षेत्र
शहर में दरवाजा मोहल्ला, बाबरा मोहल्ला, डेयरी मोहल्ला, धोबी मोहल्ला, प्रधाना मोहल्ला, बोहर, बलियाना, कन्हेली, खेड़ी साध, माजरा, पहरावर, ब्राह्मणामंडी, कलालान मोहल्ला, केवल गंज, पाड़ा मोहल्ला, पारस मोहल्ला, पिथवाड़ा मोहल्ला, प्रताप मोहल्ला, डिबडी मोहल्ला, सुनारिया कलां, सुनारिया खुर्द, कायस्थान मोहल्ला, सलारा मोहल्ला, किला मोहल्ला व गढ़ी बोहर में निश्चित एरिया में लाल डोरा क्षेत्र है।
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स्वामित्व पत्र, प्रॉपर्टी का अहम दस्तावेज
विशेषज्ञों ने बताया कि लाल डोरा क्षेत्र में काफी संख्या में लोगों के पास जमीन के कागजात है, लेकिन सबका खसरा नंबर एक है। ऐसी जमीन को देह आबादी जमीन बोलते हैं। जिनके पास मलकियत के कागजात नहीं है और वे तय शर्त पूरी करते हैं तो वे भी स्वामित्व प्रमाण पत्र ले सकते हैं। जिनके पास मलकियत के कागजात हैं, वह भी स्वामित्व प्रमाण पत्र ले सकते हैं।
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11 जुलाई को मुख्यमंत्री नायब सैनी के आदेश पर शहर के 18 लोगों को स्वामित्व प्रमाण पत्र दिए थे। जब तहसील में रजिस्ट्री करवाने गए तो तहसीलदार ने कहा कि मुख्यालय की तरफ से नोटिफिकेशन नहीं आया। न ही निगम की तरफ से और स्वामित्व प्रमाण पत्र जारी किए गए। मामले को मुख्यमंत्री नायब सैनी के सामने रखा जाएगा।
राजेश सैनी, पूर्व पार्षद नगर निगम