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वुशू की सीनियर स्टेट खिलाड़ी का कोच ने किया यौन शोषण

Mon, 07 Dec 2015 02:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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वुशू की सीनियर स्टेट खिलाड़ी के यौन शोषण का मामला सामने आया है। भविष्य में नहीं खेलने देने की धमकी देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया गया। खिलाड़ी का आरोप है कि प्रशिक्षण देने वाले एक अन्य युवक ने भी उस पर कोच से संबंध बनाने का दबाव बनाया।
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2 साल से प्रताड़ना झेल रही खिलाड़ी की शिकायत पर महिला थाने में कोच राजेश और दूसरे आरोपी संदीप के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया गया है। एक आरोपी करनाल का तो दूसरा जुलाना का रहने वाला है।

पुलिस को दी शिकायत में लाखनमाजरा खंड के गांव की रहने वाली पीड़ित ने बताया कि वह शहर के जींद बाईपास स्थित एक एकेडमी में वुशू खेलती है।

आरोप है कि कोच राजेश शारीरिक संबंध बनाने के लिए उसे काफी समय से प्रताड़ित कर रहा है। वह 23 नवंबर 2013 को नरवाना में सीनियर स्टेट वुशू प्रतियोगिता में हिस्सा लेने गई थी। इसी दौरान खिलाड़ी के कमरे में एक लड़की आई। उस लड़की ने खिलाड़ी से कहा कि उसे कोच बुला रहे हैं।
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खिलाड़ी का आरोप है कि जब वह कोच के कमरे में गई तो उसने छेड़छाड़ शुरू कर दी। पीड़ित रोने लगी तो कोच ने कहा कि यदि वह उसके साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाएगी तो उसे भविष्य में खेलने नहीं देगा। इसके बाद से ही आरोपी बार-बार खिलाड़ी के साथ छेड़छाड़ कर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा है। जब पीड़ित ने मामले की शिकायत अपने दूसरे कोच संदीप से की तो उसने भी साथ नहीं दिया।

 संदीप ने उससे कहा कि हम दोनों मजबूर हैं। तुझे कोच के साथ शारीरिक संबंध बनाने ही होंगे, नहीं तो तू आगे नहीं निकल सके गी। एसएचओ गरिमा ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ के स दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।

2 साल से झेल रही यौन प्रताड़ना
पीड़ित दो साल से आरोपियों की यौन प्रताड़ना झेल रही है। वह जिस भी कैंप में आरोपी कोच के साथ खेलने गई, वही पर उसके साथ छेड़खानी की गई। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने पीड़ित के साथ मधुबन, करनाल और गोहाना सहित कई जगहों पर यौन संबंध बनाने का प्रयास किया।

जींद पुलिस ने नहीं समझा कार्रवाई करना जरुरी
मामले में जींद पुलिस का भी उदासीन रवैया सामने आया है। जब महिला थाना पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करके जींद भेजी तो वहां की पुलिस ने खानापूर्ति करके एफआईआर को वापस महिला थाने में भेज दिया। अब पीड़ित का कहना है कि वह रोहतक महिला थाना पुलिस ने ही मामले की जांच करवाना चाहती है।
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