हुडा को विधायक मनीष ग्रोवर की उपस्थिति में खुला दरबार लगाना शनिवार को भारी पड़ गया। शिकायत कर्ताओं ने एक के बाद एक विधायक और अधिकारियों के समक्ष अपनी पीड़ा बयां की और इसका जिम्मेदार हुडा के कर्मचारियों और अधिकारियों को बताया। सभी ने सीधे-सीधे आरोप जडे़ कि हुडा कर्मचारी काम करने की एवज में पैसे मांगते हैं। इस पर स्वयं विधायक मनीष ग्रोवर भी बोल पड़े कि हुडा भ्रष्टाचार का एक अड्डा है।
विधायक ग्रोवर ने हुडा अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि एक आदमी की फाइल 8-10 साल तक धूल फांकती रहे। मतलब साफ है कि शिकायतकर्ता जो आरोप लगा रहे हैं वे झूठे नहीं है। अब हम पूरे मामले की जांच कराएंगे, जो भी दोषी होगा उन पर कार्रवाई होगी। कुछ मामलों में संबंधित अधिकारियों को चार्ज शीट करने की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने कहा कि एमएलए कार्यालय पीड़ितों की शिकायत का फालोअप करेगा। किसी भी हुडा कर्मचारी या अधिकारी की मनमानी नहीं चलेगी। अधिकारी जांच कर बताएं कि सारी गड़बड़ी किस अधिकारी के समय की है और उनका जिम्मेदार कौन है।
सीएम के निर्देश पर लगा रहे दरबार
विधायक ग्रोवर ने कहा कि प्रदेश सरकार ढाई करोड़ लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम के निर्देशों पर सेक्टरवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए खुला दरबार लगाये जा रहे हैं। सरकार ने लोगों के बीच में जाकर उनकी समस्याओं का निपटारा करने का फैसला लिया है। अधिकारियों और कर्मचारियों को नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करना होगा।