रोहतक। खिलाड़ियों की यह भीड़। खेल के प्रति उनका जोश और जुनून। मुझे मेरा संघर्ष याद आ गया। यहां के खिलाड़ियों में कोई बात है। एमडीयू के खिलाड़ी ही मेरा रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। एमडीयू के खेल विभाग की ओर से मई 2014 को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को गति देने पहली बार किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह का यही कहना था। वे एक साल के अंतराल में दो बार एमडीयू आए। दूसरी बार फरवरी 2015 को खिलाड़ियों के पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल हुए थे। एथलीट एवं ओलंपियन गोल्ड मेडलिस्ट मिल्खा सिंह के निधन पर उनके संस्मरण एमडीयू के खेल निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह ढुल ने अमर उजाला के साथ साझा किए।
खेल निदेशक ने कहा कि नायाब खिलाड़ी व देश के सिरमौर फ्लाइंग सिख पहली बार एमडीयू पहुंचे तो इनका जोरदार स्वागत हुआ था। खिलाड़ियों की भीड़ व उनसे सम्मान पाकर वे भावुक हो उठे। मंच से उन्होंने यहां तक कह दिया था, बस करो अब अटैक आ जाएगा। फ्लाइंग सिख ने विवि की खेल उपलब्धियों को खूब सराहा था। उन्होंने कहा था कि मुझ पर बनी फिल्म ने नई पहचान दिलाई है। फिल्म के कारण ही नए जमाने के लोग मुझसे व मेरे खेल से रूबरू हुए। यह मेरे लिए बड़ा सम्मान है।
एमडीयू के खिलाड़ी ने तोड़ा था मिल्खा का रिकॉर्ड
खेल निदेशक ने कहा कि समारोह के चलते उनके साथ अच्छा खासा समय बीता। वे पहली बार जब आए थे तो पूरा दिन उनके साथ रहने का मौका मिला। इस दौरान एथलीट मिल्खा ने अपना ही रिकॉर्ड न टूटने की टीस साझा करते हुए कहा कि कोई मेरा यह रिकॉर्ड तोड़े। इसके कुछ साल बाद एमडीयू के एथलीट धर्मवीर ने उनका रिकॉर्ड तोड़ा। दुर्भाग्य से, इसके बाद यह खिलाड़ी डोप का शिकार हो गया था। अब भी विवि के एथलीट उनके रिकॉर्ड को लक्ष्य बनाकर अभ्यास कर रहे हैं।
खिलाड़ियों को उनके हाथों सम्मानित कराने का सपना रह गया अधूरा
खेल निदेशक ने कहा कि कोरोना ने दो महान खिलाड़ी हमसे छीन लिए हैं। हॉकी के स्टार खिलाड़ी रहे सीनियर बलबीर सिंह व एथलीट मिल्खा सिंह हमारे लिए एक मिसाल बन गए हैं। जब तक खेल रहेगा, तब तक मिल्खा का नाम रहेगा। विवि के इस बार के पुरस्कार वितरण समारोह में फ्लाइंग सिख को बुलाने की तैयारी थी। खिलाड़ियों को उनके हाथों सम्मानित कराने का सपना अधूरा रह गया। देश के लिए सच्चाई व लगन से खिलाड़ियों का खेलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
खेल विभाग ने मिल्खा को किया नमन
एमडीयू के खेल विभाग में एथलीट मिल्खा सिंह के निधन पर शोक सभा आयोजित की गई। यहां देश के महान खिलाड़ी को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। इस दौरान खेल निदेशक के अलावा अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।